
तिरुअनंतपुरम. केरल सरकार नागरिकता कानून के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंची है। सरकार ने राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान को जानकारी दिए बिना यह याचिका लगाई है। इस पर राज्यपाल ने माकपा की अगुआई वाली लेफ्ट सरकार से रिपोर्ट मांगी है।
राज भवन कार्यालय ने राज्य के मुख्य सचिव से यह रिपोर्ट मांगी है। राज भवन के एक शीर्ष सूत्र ने रविवार को न्यूज एजेंसी को बताया, ''राज्यपाल कार्यालय ने सीएए के खिलाफ शीर्ष अदालत का रुख करने के सरकार के कदम के बारे में उन्हें सूचित नहीं करने को लेकर मुख्य सचिव से रिपोर्ट मांगी है।''
13 जनवरी को सुप्रीम कोर्ट पहुंची थी केरल सरकार
एलडीएफ सरकार ने इस कानून के खिलाफ 13 जनवरी को सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था और संविधान के खिलाफ बताते हुए कानून पर रोक लगाने की मांग की थी।
'सरकार राजनीतिक दल की मर्जी से नहीं चल सकती'
इससे पहले राज्यपाल खान ने मुख्यमंत्री पी विजयन पर हमला साधा था। उन्होंने कहा था, सरकार के कामकाज को किसी राजनीतिक दल या व्यक्ति की मर्जी के मुताबिक नहीं चलाया जा सकता। हर किसी को नियम का पालना करना चाहिए।
केरल सीएए के खिलाफ कोर्ट पहुंचने वाला पहला राज्य
केरल में विधानसभा में नागरिकता कानून के खिलाफ प्रस्ताव पारित किया था। इसके बाद राज्य सरकार कोर्ट भी पहुंची थी। ऐसा करने वाला केरल पहला राज्य है।
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