देश का पहला जिला अस्पताल जहां हार्ट और किडनी ट्रांसप्लांट की सुविधा

Published : Dec 01, 2024, 08:56 PM ISTUpdated : Dec 01, 2024, 10:31 PM IST
Surgery

सार

केरल के एर्नाकुलम जिला अस्पताल में अब हृदय प्रत्यारोपण की सुविधा उपलब्ध होगी। देश में पहली बार किसी जिला अस्पताल को यह सुविधा मिली है। यह पहले से ही किडनी प्रत्यारोपण की सुविधा देने वाला पहला जिला अस्पताल भी है।

Heart Transplant in Ernakulam District Hospital: देश में सबसे अधिक शिक्षितों की जमात वाले राज्य केरल ने एक और रिकॉर्ड अपने नाम किया है। जिला लेवल के अस्पताल में हार्ट ट्रांसप्लांट की सुविधा वाला पहला राज्य बन गया है। यहां के एर्नाकुलम जनरल अस्पताल में अब हृदय प्रत्यारोपण भी हो सकेगा। देश में यह पहली बार है कि किसी भी जिलास्तरीय अस्पताल को यह सुविधा मिल रही है। हेल्थ मिनिस्टर वीणा जॉर्ज इस पहल की गवाह बनीं जब के-सोटो (K-SOTTO) के कार्यकारी डायरेक्टर डॉ. नोबल ग्रेसियस ने अस्पताल के सुपरिटेंडेंट डॉ.शहीर शा को लाइसेंस सौंपा।

पहली बार एर्नाकुलम जनरल अस्पताल में ही किडनी ट्रांसप्लांट

हृदय प्रत्यारोपण की सुविधा वाले जिला अस्पताल एर्नाकुलम अपनी बेहतरीन सुविधाओं के लिए विख्यात है। यह अस्पताल देश का पहला जिला अस्पताल है जहां किडनी ट्रांसप्लांट होती है। हृदय रोग विशेषज्ञों की मदद से बिना छाती खोले वाल्व बदलने की सर्जरी भी यहीं पहली बार हुई। भारत में पहली बार हृदय की सर्जरी करने वाला जिला अस्पताल भी यही है। कार्डियोलॉजी समेत 7 सुपर स्पेशलिटी विभाग, 2 कैथ लैब और NABH मान्यता इस अस्पताल की खासियत हैं। अब हृदय प्रत्यारोपण की सुविधा मिलने से यह और भी बेहतर हो गया है। कार्डियोलॉजी यूनिट, कार्डियोलॉजी आईसीयू, वेंटिलेटर, आधुनिक ट्रांसप्लांट सिस्टम, अत्याधुनिक ऑपरेशन थिएटर, सर्जिकल उपकरण और विशेषज्ञ डॉक्टरों की उपलब्धता के आधार पर ही किसी संस्थान को हृदय प्रत्यारोपण का लाइसेंस दिया जाता है।

केरल में केवल कोट्टायम मेडिकल कॉलेज में ही थी यह सुविधा

राज्य में सरकारी क्षेत्र में हृदय प्रत्यारोपण की सुविधा अभी कोट्टायम मेडिकल कॉलेज में ही उपलब्ध है। इस गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज में अब तक 10 प्रत्यारोपण हो चुके हैं। अब एर्नाकुलम जेनरल अस्पताल भी इस सूची में शामिल हो गया है।

के-सोटो करता है अंगदान या प्रत्यारोपण का संचालन

राज्य सरकार की अंगदान प्रक्रिया का संचालन के-सोटो द्वारा किया जाता है। के-सोटो यानी केरल स्टेट आर्गन एंड टिशू ट्रांसप्लांट आर्गेनाइजेशन। संस्था में अंगदान के लिए रजिस्ट्रेशन कराया जाता है। मरीज के दिल का आकार, चिकित्सा मानक और दिल की अनुकूलता के आधार पर अंग उपलब्ध होने पर प्रत्यारोपण किया जाता है। जनरल अस्पताल में हृदय प्रत्यारोपण की यह सुविधा एक ऐतिहासिक उपलब्धि है।

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