
नई दिल्ली। कोरोना के कहर से लोग परेशान हैं। दिन व दिन संक्रमित लोगों की संख्या बढ़ रही है। भारत में 429 लोग संक्रमित हो गए हैं। वहीं 9 लोगों की मौत हो चुकी है। सरकार ने 75 जिलों को लॉकडाउन कर दिया है। वहीं पंजाब में कर्फ्यू लगा दिया गया है। आप सोयच रहे होंगे कि लॉकडाउन और कर्फ्यू तो एक ही है। लेकिन ऐसा नहीं है। लॉकडाउन कर्फ्यू से अलग होता है।
लॉकडाउन क्या है?
लॉकडाउन एक आपदा व्यवस्था है जो किसी आपदा या एपिडेमिक स्थिति के वक्त सरकारी तौर पर लागू की जाती है । लॉक डाउन में उस क्षेत्र के लोगों को घरों से बाहर निकलने की अनुमति नहीं होती है। उन्हें सिर्फ दवा और अनाज जैसी जरूरी चीजों के लिए ही बाहर आने की इजाजत मिलती है। इस दौरान वे बैंक से पैसे निकालने भी जा सकते हैं। यह एक एमरजेंसी व्यवस्था है। सीधे शब्दों में लॉकडाउन' का अर्थ है तालाबंदी। जिसका अर्थ होता है कि बिना कि अनावश्यक कार्य के लिए सड़कों पर ना निकलें। इस दौरान सिर्फ जरूरत के सामान जैसे खाने पीने की चीजें, अनाज दवाएं आदि दुकानें खुली रहती हैं।
कर्फ्यू क्या होता है।
कर्फ्यू जब भी किसी इलाके में लगाया जाता है। तो उसके लिए एक समयसीमा तय की जाती है। लोगों को घरों में रहने का आदेश दिया जाता है। लोगों को हिदायत दी जाती है कि वे अपने घरों से बाहर ना निकलें। इस दौरान निजी और सरकारी संस्थान बंद रहते हैं। नियमों का पालन ना करने पर पुलिस लोगों को गिरफ्तारी भी हो सकती है। वहीं जुर्माना भी लगया जा सकता है।
कोरोना वायरस से निपटने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर रविवार 22 मार्च की सुबह सात बजे से रात नौ बजे तक जनता कर्फ्यू लगाया गया। सभी राज्य सरकारों ने जनता कर्फ्यू का पालन और समर्थन किया। वहीं, रविवार की शाम को कुछ राज्यों ने लॉकडाउन का एलान कर दिया। देश के 75 जिलों को भी लॉकडाउन किया गया है। वहीं पंजाब सरकार ने कर्फ्यू लगा दिया है।
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