Ladakh Violence: भारत में नेपाल जैसी स्थिति, लद्दाख हिंसा में 4 की मौत, 70 घायल, कर्फ्यू और इंटरनेट सब कुछ हुआ बंद

Published : Sep 25, 2025, 07:53 AM IST
Ladakh Protest

सार

Ladakh Violence: भाजपा ने बुधवार को कहा कि लद्दाख में हुई हिंसा कोई सामान्य घटना नहीं थी, बल्कि कांग्रेस की सोची-समझी साजिश का हिस्सा थी। भाजपा का आरोप है कि कांग्रेस देश में नेपाल, बांग्लादेश और फिलीपींस जैसी हालात पैदा करना चाहती है।

Ladakh Violence: लेह-लद्दाख में राज्य का दर्जा देने की मांग को लेकर हुए प्रदर्शन हिंसक हो गए। इसमें कम से कम 4 लोग मर गए और कई घायल हुए। इस आंदोलन का चेहरा माने जाने वाले जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने हिंसा बढ़ने पर दुख जताया और अपनी 15 दिन की भूख हड़ताल खत्म कर दी। वांगचुक ने इसे युवाओं का गुस्सा और जेन जी क्रांति बताया।

भाजपा ने कांग्रेस पर लगाया आरोप

भाजपा ने बुधवार को आरोप लगाया कि लद्दाख में हुई हिंसा कांग्रेस की साजिश थी। उनका कहना है कि कांग्रेस का मकसद देश में नेपाल, बांग्लादेश और फिलीपींस जैसी स्थिति बनाना था। शुरू में इस प्रदर्शन को 'जेन जी' यानी युवाओं के आंदोलन के रूप में दिखाने की कोशिश की गई, लेकिन जांच में पता चला कि असल में यह कांग्रेस की साजिश थी, न कि युवाओं का विरोध। भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा ने पार्टी मुख्यालय में पत्रकारों से कहा कि कांग्रेस की मंशा खराब है और लद्दाख हिंसा उनकी सोची-समझी साजिश का हिस्सा है। उनका आरोप है कि कांग्रेस का मुख्य नारा भारत तेरे टुकड़े होंगे, इंशाअल्ला है और यह जार्ज सोरोस के साथ राहुल गांधी की योजना का हिस्सा है। 

पात्रा ने कहा कि क्योंकि कांग्रेस जनता का समर्थन नहीं पा सकती, इसलिए वह देश को तोड़ने की साजिश रचती है। उन्होंने आगे कहा कि राहुल गांधी बार-बार युवाओं को बांग्लादेश और नेपाल जैसी स्थिति पैदा करने के लिए उकसाते हैं। 

लेह में क्या-क्या हुआ

लेह में बुधवार को लद्दाख को राज्य का दर्जा देने की मांग को लेकर हुए विरोध प्रदर्शन हिंसक हो गए थे। इस दौरान चार लोगों की मौत हो गई और कई लोग घायल हो गए। प्रदर्शनकारियों ने सरकारी कार्यालयों में तोड़फोड़ की और कुछ वाहनों में आग लगा दी। इसके बाद पुलिस ने नियंत्रण में लाने के लिए गोली और आंसू गैस के गोले चलाए। सुरक्षा के लिहाज से बीएनएसएस की धारा 163 लागू कर दी गई, जिसके तहत पांच या उससे अधिक लोगों के इकट्ठा होने पर रोक लग गई।

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कविंदर गुप्ता ने जिले में लगाया कर्फ्यू

हिंसा बढ़ने के बाद जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने अपनी 15 दिन की भूख हड़ताल समाप्त कर दी। केंद्र सरकार ने कहा कि यह स्थिति जानबूझकर पैदा की गई थी, जबकि बातचीत 6 अक्टूबर को तय की गई थी। अधिकारियों ने बताया कि पहले 25 जुलाई और 25-26 सितंबर को भी बातचीत के प्रस्ताव दिए गए थे, लेकिन उन्हें स्वीकार नहीं किया गया। मंगलवार को दो भूख हड़ताल कर रहे लोग अस्पताल में भर्ती होने के बाद विरोध प्रदर्शन और भड़क गया। लेह के उपराज्यपाल कविंदर गुप्ता ने जिले में कर्फ्यू लगा दिया है। उन्होंने कहा कि हिंसा के लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ देश के कानून के अनुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने लद्दाख के लोगों से कहा कि कर्फ्यू एहतियात के तौर पर लगाया गया है। उन्होंने मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना भी जताई।

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