पत्नियों का आतंक! पति कर रहे आत्महत्या, पुरुष आयोग की मांग क्यों?

Published : Apr 19, 2025, 03:01 PM IST
पत्नियों का आतंक! पति कर रहे आत्महत्या, पुरुष आयोग की मांग क्यों?

सार

मध्य प्रदेश में पत्नियों द्वारा प्रताड़ित पतियों की संख्या बढ़ रही है, जिससे पुरुष आयोग की मांग उठ रही है। कई पुरुष घरेलू हिंसा का शिकार होकर आत्महत्या तक कर रहे हैं। हेल्पलाइन पर मदद की गुहार लगा रहे हैं।

देश में पति-पत्नी के रिश्ते को कलंकित करने वाली कई घटनाएँ सामने आ रही हैं। घरेलू हिंसा का मतलब पहले महिलाओं पर अत्याचार ही समझा जाता था। लेकिन आजकल प्रताड़ित होने वाले पुरुषों की संख्या बढ़ रही है। एक ही साल में मध्य प्रदेश में 22 हज़ार से ज़्यादा लोगों ने पारिवारिक हेल्पलाइन पर कॉल करके मदद मांगी है। पत्नियों से प्रताड़ित पुरुष अब पुरुष आयोग बनाने की मांग कर रहे हैं।

प्रताड़ित पुरुषों की मदद के लिए वॉच लीग नाम का संगठन शुरू हुआ है। इसकी संचालिका चंदना अरोड़ा ने पत्नी द्वारा प्रताड़ना को वैवाहिक आतंकवाद कहा है। मध्य प्रदेश में कई महिलाएँ क़ानून का गलत इस्तेमाल कर रही हैं। पुरुषों पर झूठे आरोप लगाकर उन्हें परेशान कर रही हैं। क़ानून के नाम पर उन्हें प्रताड़ित किया जा रहा है।

उमेश नाम के एक व्यक्ति ने मीडिया के सामने अपना दर्द बयाँ किया। भोपाल के अशोक गार्डन में रहने वाले उमेश सलोनिया ने 2001 में बालाघाट की एक लड़की से शादी की थी। शादी के बाद भी उमेश की पत्नी पढ़ाई जारी रखी। एमएससी के दौरान अवैध संबंध बनाने वाली पत्नी पढ़ाई खत्म होने के बाद लगभग 8 महीने तक गायब रही। पत्नी को ढूंढते-ढूंढते थक चुके उमेश ने बालाघाट पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत दर्ज होने के बाद सामने आई पत्नी ने उमेश के ख़िलाफ़ ही शिकायत दर्ज कर दी। दहेज और प्रताड़ना का आरोप लगाया। इतना ही नहीं, उमेश की पत्नी अब तलाक़ के लिए 10 लाख रुपये और गहने मांग रही है। मीडिया के सामने आंसू बहाते हुए उमेश ने कहा कि अगर उन्हें न्याय नहीं मिला तो अतुल की तरह आत्महत्या ही उनके लिए एकमात्र रास्ता है। सिर्फ़ उमेश ही नहीं, कई लोग ऐसी ही समस्याओं का सामना कर रहे हैं।

अफ़ताब नाम के एक व्यक्ति जन्म से ही अंधे हैं। उन्होंने 2017 में शादी की थी। सरकारी नौकरी मिलने पर पत्नी ने परिवार वालों के साथ मिलकर अलग होने का दबाव बनाया। फिर झगड़ा करके पति को छोड़कर मायके चली गई। बाद में अफ़ताब पर दहेज प्रताड़ना का आरोप लगाया। मामला अभी भी इलाहाबाद हाईकोर्ट में विचाराधीन है। अफ़ताब की पत्नी तलाक़ के लिए 30 लाख रुपये मांग रही है।

ऐसे मामले बढ़ने पर राज्य में पुरुषों की मदद के लिए कुछ संस्थाएँ शुरू हुई हैं। भाई नाम का संगठन भी इस पर काम कर रहा है। राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) के 2023 के आंकड़ों के अनुसार, देश में कुल आत्महत्याओं में से 9% मध्य प्रदेश में हुईं। पाँच सालों में, मध्य प्रदेश में 31.7% आत्महत्याएँ पारिवारिक कलह के कारण हुईं। हर दिन हेल्पलाइन पर सैकड़ों पुरुष कॉल करते हैं। काम करके जीवन चलाने के बजाय, वे अपना ज़्यादातर समय अदालत में बिताते हैं।

PREV

National News (नेशनल न्यूज़) - Get latest India News (राष्ट्रीय समाचार) and breaking Hindi News headlines from India on Asianet News Hindi.

Recommended Stories

12 जनवरी से रेल टिकट बुकिंग में बड़ा बदलाव, जानें सिर्फ कौन लोग बुक कर पाएंगे टिकट
काला चश्मा, काली जैकेट, काली ही वॉच...यूथ दिवस पर देखिए PM मोदी का स्वैग