
नई दिल्ली. यूरोपियन यूनियन के सांसदों के कश्मीर दौरे की देश भर में चर्चा हो रही है। इस मामले में अब एक गैर सरकारी संगठन (NGO) की महिला सुर्खियों में आ गई है। महिला ने EU सांसदों के कश्मीर दौरे में अहम रोल निभाया था। सोशल मीडिया पर मादी शर्मा काफी चर्चा में है। लोग इस अंतर्राष्ट्रीय दौरे पर मादी के विषय में जानने को उत्सुक नजर आए।
मादी शर्मा ने ही सांसदों को कश्मीर दौरे के लिए आमंत्रित किया था। शर्मा मादी ग्रुप की हेड हैं, मादी (Make A defrence Idea) ग्रुप कई अंतरराष्ट्रीय प्राइवेट सेक्टर और एनजीओ का एक नेटवर्क है। शर्मा ने ही यूरोपीय सांसदों से संपर्क उन्हें मोदी से मिलवाने के लिए निमंत्रण दिया था। आइए जानते हैं मादी शर्मा से जुड़ी कुछ और जानकारियां।
कश्मीर विजिट से सुर्खियों में आई मादी
मादी यूरेपीय सांसदों के भारतीय दौरे और जम्मू-कश्मीर जैसे संवेदनशील मुद्दे पर उनकी दखलअंदाजी के बाद चर्चा में आई। टाइम्स अॉफ इंडिया की ईमेल पत्राचार की कॉपी से मादी शर्मा से जुड़ी जानकारी का खुलासा हुआ कि आखिर कौन है ये महिला जो यूरेपिन सांसदों के कश्मीर विजिट को लेकर भारतीय प्रधानमंत्री से मिली है।
।7 अक्टूबर 2019 को मादी शर्मा ने यूरोपीय सांसदों को ईमेल कर 28 अक्टूबर को भारतीय प्रधानमंत्री के साथ वीआईपी मीटिंग कराने का प्रस्ताव रखा था। साथ ही 29 अक्टूबर को कश्मीर ले जाने का भी वादा किया था। इसके बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस की भी बात कही गई। यूरेपीय सांसदों के भारत आने की खबर जब पुख्ता हुई तो भारतीय मीडिया में मादी शर्मा की खबर सामने आई।
एनजीओ चलाती हैं मादी शर्मा-
मादी एक NGO विमिंज इकनॉमिक ऐंड सोशल थिंक टैंक (WESTT) की संचालक है। शर्मा के ट्विटर हैंडल पर उपलब्ध जानकारी के अनुसार वह खुद को 'सोशल कैपिटलिस्ट इंटरनैशनल बिजनेस ब्रोकर, एजुकेशनल आंत्रप्रेन्योर ऐंड स्पीकर' बताती हैं। मादी शर्मा बड़े-बड़े नेताओं की मुलाकात करवाने के लिए मशहूर हैं। वह अंतर्राष्ट्रीय मुद्दों पर संबंधित लोगों से वार्तालाप मीटिंग करवाती हैं। अपने इस काम के कारण ही एक मिडिएटर और संचालक के तौर पर मादी इंटरनेशनल लेवल पर फेमस हैं।
वेबसाइट से मिली पूरी जानकारी-
मादी की वेबसाइट के मुताबिक WESTT महिलाओं का एक प्रमुख थिंक-टैंक है जिसकी वैश्विक पहुंच है। यह आर्थिक, पर्यावरणीय और महिलाओं के सामाजिक विकास पर फोकस करता है। इसमें लिखा है, 'राजनीतिक स्तर पर यह कई मसलों पर जागरूकता के लिए लॉबिंग का भी काम करता है, पर अपने किसी व्यावसायिक लाभ के लिए नहीं।' शर्मा यूरोपियन इकनॉमिक ऐंड सोशल कमिटी की सदस्य हैं, जो यूरोपियन यूनियन की एक सलाहकार संस्था है। उन्होंने 370 पर एक आर्टिकल भी लिखा था जो EP टुडे एक मासिक पत्रिका में प्रकाशित हुआ।
EU टीम के सदस्यों का कश्मीर दौरा रहा सफल
आपको बता दें कि EU टीम के सदस्यों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल, विदेश मंत्री एस. जयशंकर से नई दिल्ली में मुलाकात की। इसके बाद वे मंगलवार को श्रीनगर में 15वीं कोर के कमांडर से भी मिले। नई दिल्ली में डोभाल द्वारा आयोजित लंच के दौरान कश्मीर के कुछ लोगों से भी उनकी मुलाकात कराई गई थी। ऐसे ही श्रीनगर में भी उनकी कुछ स्थानीय लोगों से मुलाकात हुई और डल झील में नाव पर सवारी भी की। कश्मीर दौरे के बाद EU टीम के सदस्यों ने प्रेस कान्फ्रेंस वहां के अनुभव भी साझा किए।
मादी शर्मा को सोशल मीडिया पर लोगों के समर्थन और आलोचनाओं दोनों का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि यूरोपियन सांसदों के दौरे में मादी की भूमिका को लेकर अभी तक कोई अधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
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