
औरंगाबाद। टीकाकरण (Vaccination) तेज करने और कोरोना (Covid-19) संक्रमण का प्रसार रोकने औरंगाबाद (Aurangabad) जिला प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। इसके तहत प्रशासन ने राशन की दुकानों, गैस एजेंसियों और पेट्रोल पंपों को केवल उन नागरिकों को किराने का सामान और पेट्रोल (Petrol) डीजल (Diesel) की आपूर्ति करने के लिए कहा है, जिन्होंने कोविड-19 टीके की कम से कम एक खुराक ली है। औरंगाबाद राज्य के 36 जिलों में टीकाकरण के लिहाज से 26वें स्थान पर है। इस वजह से यहां टीकाकरण तेज करने की कोशिश की जा रही है। यहां अब तक सिर्फ 55 प्रतिशत लोगों का टीकाकरण किया गया है, जबकि राज्य में 74 फीसदी लोगों का टीकाकरण किया जा चुका है। गौरतलब है कि देश में केरल, महाराष्ट्र और तमिलनाडु सबसे ज्यादा कोरोना प्रभावित राज्य हैं।
महामारी एक्ट के तहत होगी कार्रवाई
औरंगाबाद के कलेक्टर सुनील चव्हाण ने राशन की दुकानों, गैस एजेंसियों और पेट्रोल पंपों के अधिकारियों को ग्राहकों के टीकाकरण प्रमाण पत्र (Vaccination certificate) देखने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि अगर आदेश का पालन नहीं किया जाता है तो प्रशासन संबंधित लोगों के विरुद्ध आपदा प्रबंधन अधिनियम एवं महामारी रोग अधिनियम के तहत कार्रवाई करेगा।
ऐतिहासिक स्थलों पर भी प्रवेश की अनुमति नहीं
कलेक्टर ने हाल ही में यह भी आदेश दिया था कि जिन लोगों ने कोविड रोधी टीके की एक भी खुराक नहीं ली है, उन्हें औरंगाबाद के ऐतिहासिक स्थलों और स्मारकों में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी। एक अधिकारी ने बताया कि टीकाकरण अभियान को तेज करने के लिए औरंगाबाद जिला परिषद ने शाम को भी टीकाकरण करने का फैसला किया है। जिला परिषद के स्वास्थ्य अधिकारी सुधाकर शेकले ने कहा- कई लोग सुबह से शाम तक खेत में काम करते हैं। जिला परिषद जिले शाम पांच बजे से रात आठ बजे तक उनका टीकाकरण करवाएगी।
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