
कोलकताः पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मंगलवार को राज्य में वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) को लेकर बीजेपी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा, "किसी को भी निकाला नहीं जाएगा।" उन्होंने यह भी कहा, 'चोट करोगे तो पलटवार भी सहना पड़ेगा।' उन्होंने कहा कि अगर बंगाल अच्छा रहेगा, तो पूरा देश अच्छा रहेगा।ममता बनर्जी ने चांदपाड़ा से पदयात्रा शुरू की। उनके साथ ममताबाला ठाकुर, राज्य की सबसे युवा विधायक मधुपूर्णा ठाकुर, सुजीत बसु और ज्योतिप्रिय मल्लिक भी थे। ममता ने रास्ते में स्थानीय लोगों से बात की। स्थानीय लोगों ने ममता बनर्जी का गर्मजोशी से स्वागत किया।
SIR प्रक्रिया का विरोध करते हुए एक जनसभा में ममता बनर्जी ने बीजेपी को चुनौती दी और कहा कि वह उनसे नहीं डरतीं। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर SIR का मकसद वोटर लिस्ट से बांग्लादेशी नागरिकों को हटाना है, तो चुनाव आयोग मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश में यह प्रक्रिया क्यों चला रहा है?
उन्होंने कहा, "मैं बांग्लादेश को एक देश के तौर पर प्यार करती हूं, क्योंकि हमारी भाषा एक है। मैं बीरभूम की रहने वाली हूं, लेकिन एक दिन वे मुझे भी बांग्लादेशी कह देंगे। 2024 में प्रधानमंत्री मोदी को इसी लिस्ट के हिसाब से वोट मिले। अगर आपका नाम हटाया जाता है, तो केंद्र सरकार को भी हटा देना चाहिए। इतनी जल्दबाजी में SIR क्यों?"
"जब तक मैं यहां हूं, मैं उन्हें आपको निकालने नहीं दूंगी। कोई भी आपको निकाल नहीं सकता। अगर बांग्लादेशी ही समस्या हैं, तो आप मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश में SIR क्यों कर रहे हैं?" उन्होंने सवाल किया। यह घटनाक्रम तब हुआ है जब चुनाव आयोग ने 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में वोटर लिस्ट के SIR के दूसरे चरण की घोषणा की है, जिसकी अंतिम वोटर लिस्ट 7 फरवरी, 2026 को जारी की जाएगी। बिहार में विधानसभा चुनाव से पहले पहला चरण पूरा हो गया था।
इस प्रक्रिया में अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, छत्तीसगढ़, गोवा, गुजरात, केरल, लक्षद्वीप, मध्य प्रदेश, पुडुचेरी, राजस्थान, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल शामिल हैं। इससे पहले आज, पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पत्र लिखकर राज्य में चल रहे स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के दौरान तृणमूल सरकार पर "निष्पक्षता" के सिद्धांतों का उल्लंघन करने और पुलिस का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया।
अधिकारी ने शनिवार को हुए महिला पुलिस कर्मियों के दूसरे राज्य सम्मेलन में सेवारत पुलिस अधिकारियों और तृणमूल नेताओं की भागीदारी का मुद्दा उठाया और इसे सत्तारूढ़ दल की राजनीतिक रैली बताया। उन्होंने तृणमूल पर "चुनावी धांधली" और SIR प्रक्रिया को एक "घोटाला" कहने का आरोप लगाया। अधिकारी ने मांग की है कि चुनाव आयोग आगामी 2026 के विधानसभा चुनावों में पश्चिम बंगाल पुलिस को प्राथमिक चुनावी कर्तव्यों से दूर रखे और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPF) को तैनात करे।
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