
मेनका गांधी। भारतीय जनता पार्टी (BJP) सांसद मेनका गांधी ने पहली बार बेटे वरुण गांधी को टिकट न मिलने पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने शनिवार (11 मई) को NDTV को दिए एक इंटरव्यू में कहा कि उन्हें अपने बेटे पर विश्वास है। उन्होंने उत्तर प्रदेश की पीलीभीत में लोकसभा सीट के बचाव पर कहा कि वो अलग उम्मीदवार को मैदान में उतारने के पार्टी के फैसले का सम्मान करती हैं। मैं पार्टी के फैसले को चुनौती नहीं दे सकती और मैं इसका सम्मान करता हूं। मुझे वरुण गांधी पर बहुत भरोसा है। वह एक सक्षम व्यक्ति हैं और अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करेंगे।
सुल्तानपुर की सांसद मेनका गांधी ने कहा कि "कुछ लोग संसद सदस्य बन जाते हैं और कुछ लोग सांसद बने बिना ही राजनेता बन जाते हैं। उन्होंने वरुण गांधी की तुलना चंद्रशेखर से करती हुई कहा कि वो पहले भारतीय प्रधानमंत्री थे, जिन्होंने कभी कोई पूर्व सरकारी पद नहीं संभाला था। आप कभी नहीं जानते कि जीवन आपके लिए क्या लेकर आया है।
ये भी पढ़ें: ISRO ने रचा इतिहास कि दुनिया करेगी सलाम, 3D प्रिंटिंग टेक्नोलॉजी से तैयार किया रॉकेट इंजन, मिली बड़ी सफलता
पीलीभीत से किसको मिला है टिकट
वरुण गांधी पीलीभीत से दो बार सांसद रह चुके हैं। यहां पहली बार साल 1989 में उनकी मां मेनका गांधी ने चुनाव जीता था। हालांकि, इस बार बीजेपी ने फैसला लेते हुए पीलीभीत से वरुण गांधी को टिकट न देकर जितिन प्रसाद को टिकट दिया है। मेनका गांधी से इंटरव्यू के दौरान उनके लोकसभा संसदीय क्षेत्र सुल्तानपुर के बारे में पूछा गया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर से 2024 का लोकसभा चुनाव लड़ने पर उन्हें खुशी है। उन्हें निर्वाचन क्षेत्र के लोगों की सेवा करने का फिर से मौका दिया गया है।
ये भी पढ़ें: दिल्ली CM अरविंद केजरीवाल के जेल से बाहर आने पर INDIA ब्लॉक को कितना फायदा? जानें हर जरूरी बात
National News (नेशनल न्यूज़) - Get latest India News (राष्ट्रीय समाचार) and breaking Hindi News headlines from India on Asianet News Hindi.