
नई दिल्ली। मणिपुर हिंसा (Manipur Violence) को लेकर बुधवार सुबह कुकी समुदाय के लोगों ने दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के घर के बाहर विरोध प्रदर्शन किया है। सैकड़ों की संख्या में कुकी समुदाय के लोग अमित शाह के घर के बाहर जुटे। इनमें महिलाओं की संख्या अधिक थी। इन लोगों ने शांतिपूर्ण तरीके से विरोध प्रदर्शन किया। किसी तरह की नारेबाजी भी नहीं की गई।
पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को बैरिकेड लगाकर रोकने की कोशिश की। प्रदर्शन कर रहे लोग अपने हाथों में पोस्टर लिए हुए थे। पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को समझाया और उनकी बात गृह मंत्री तक पहुंचाने का आश्वासन दिया। प्रदर्शनकारी पोस्टर लेकर अमित शाह के घर के बाहर खड़े रहे। एक प्रदर्शनकारी ने कहा कि हमारा संदेश गृह मंत्री के पास भेजा गया है। हमें उम्मीद है कि गृह मंत्री हमारी बात सुनेंगे और हमसे मिलेंगे। हमारी मांग है कि कुकी समुदाय के लोगों की आवाज भी सुनी जाए।
मणिपुर में कूकी और मैतेई समुदायों के बीच हुई है हिंसा
बता दें कि मणिपुर में कूकी और मैतेई समुदायों के बीच हिंसा हुई है। एक महीने से अधिक समय से मणिपुर में जातीय हिंसा के चलते तनाव है। इस हिंसा में 80 से अधिक लोग मारे गए हैं। हजारों लोग विस्थापित हुए हैं। कई हजार घरों को जला दिया गया है। गृह मंत्री अमित शाह ने मणिपुर में हो रही हिंसा को रोकने के लिए कई कदम उठाए हैं। पिछले दिनों उन्होंने मणिपुर की यात्रा भी की थी।
मणिपुर में क्यों भड़की हिंसा?
इम्फाल घाटी और उसके आसपास मैतेई समुदाय के लोगों की संख्या अधिक है। वहीं, पहाड़ियों में कुकी जनजाति के लोग अधिक बसे हैं। आरक्षित वन भूमि से कुकी ग्रामीणों को बेदखल करने को लेकर पहले से दोनों समुदाय के बीच तनाव था। मेइती समुदाय द्वारा अनुसूचित जनजाति (एसटी) का दर्जा देने की मांग की गई है। इसके खिलाफ 3 मई को जनजातीय एकजुटता मार्च आयोजित किया गया था। इसके बाद हिंसा भड़क गई।
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