मणिपुर हिंसा: इम्फाल एयरपोर्ट के पास उड़ती दिखी संदिग्ध चीज, ये हैं बड़े अपडेट्स

Published : Sep 08, 2024, 10:20 AM IST
manipur violence

सार

मणिपुर के जिरिबाम शहर में दो गुटों के बीच गोलीबारी में पांच लोगों की मौत हो गई, मृतकों में कूकी और मैतई दोनों समुदाय के लोग शामिल हैं। इम्फाल एयरपोर्ट के पास संदिग्ध वस्तु दिखने से सुरक्षा बढ़ाई गई।

नेशनल न्यूज। मणिपुर में फिर हिंसा भड़क गई है। शनिवार को जिरिबाम शहर में दो गुटों में फायरिंग के चलते पांच लोगों की मौत हो गई है। मरने वालों में कूकी और मैतई दोनों समुदाय के लोग शामिल हैं। इसके बाद से इलाके में फोर्स तैनात कर दी गई है। वहीं इम्फाल एयरपोर्ट के पास हवा में कुछ संदिग्ध वस्तु उड़ती हुई दिखाई दी थी जिसके बाद से सुरक्षा बलों को अलर्ट कर दिया गया है। पिछले साल मणिपुर में खूनी हिंसा हो गई थी। घटना में कूकी औ मैतेई समुदाय से करीब 200 लोगों की जान चली गई थी। आइए जानते हैं मणिपुर में अब तक के 10 बड़े अपडेट्स…

  • जिबिराम में उग्रवादियों ने जिला मुख्यालय से लगभग 5 किमी दूर स्थित एक घर में घुसकर एक व्यक्ति को सोते हुए ही गोली मार दी। घर सूनसान इलाके में था। घटना के बाद से यहां हिंसा भड़क गई।
  • पुलिस के मुताबिक हत्या के बाद पहाड़ियों में दो पक्षों के बीच जमकर फायरिंग हुई। इस दौरान पहाड़ी उग्रवादियों समेत चार हथियारबंद लोगों की मौत हुई है।  
  • घटना के बाद मुख्यमंत्री बीरेन सिंह ने प्रदेश में मौजूदा कानून व्यवस्था के हालात पर चर्चा की। इस दौरान सत्तारूढ़ गठबंधन के कई विधायकों के साथ इमरजेंसी मीटिंग कर मामले को लेकर बातचीत की। सीएम ने राजभवन जाकर राज्यपाल एल.आचार्य को भी हिंसा और हालात के बारे में जानकारी दी।
  • सुरक्षा बलों ने चुराचांदपुर जिले में उग्रवादियों के तीन बंकर ध्वस्त कर दिए। वहीं विद्रोहियों ने बिष्णुपुर में रॉकेट दागे जिसमें एक व्यक्ति की मौत और 6 घायल हो गए। 
  • बोरोबेक्रा थाना क्षेत्र के जकुराधोर इलाके में रिटायर्ड पुसिस कर्मी के घर को जला दिया गया था। हालांकि उस घर में वह रहते नहीं थे। जनजातीय निकाय इंडिजिनस ट्राइब्स एडवोकेसी कमेटी ने घटना में किसी भी तरह की संलिप्तता से इनकार किया है।
  • असम में कछारी क्षेत्र में सीआरपीएफ सुविधा केंद्र की ओर से हुई बैठक में मैतेई और हमार समुदाय के बीच क्षेत्र में सामान्य स्थिति बहाल करने और हिंसक घटनाएं जैसे आगजनी और गोलीबारी रोकने को एक अगस्त को हुए समझौते पर सहमति के बाद भी हिंसा भड़क गई। 
  • जिबिराम जिला प्रशासन, असम राइफल्स और सीआईपीएफ की ओर से आयोजित बैठक में हमार, मैतेई, थाडौ, पैइट और मिजो समुदाय के प्रतिनिधि भी शामिल थे। 
  • वर्ष 2023 मई में मैतेई और निकटवर्ती पहाड़ी स्थित कुकी-जो समुदायों के बीच हिंसा में 200 से अधिक लोगों की जान गई थी। हजारों लोगों की गृहस्थियां तबाह हो गई थी। 
  • जातीय रूप से जिरीबाम मणिपुर में पिछले साल हुई जातीय हिंसा से काफी दूर था। यहां जून में एक समुदाय के 59 वर्षीय व्यक्ति की कथित तौर पर दूसरे समुदाय के उग्रवादियों ने हत्या कर दी थी जिसके बाद हिंसा भड़क गई है। 
  • मणिपुर में हिंसा फैलने के बाद हजारों लोगों को अपना घर छोड़कर किसी सुरक्षित स्थान पर जाना पड़ा था। दोनों पक्ष के लोगों को हिंसा के बाद प्रशासन के राहत शिविरों में गुजरने पड़े थे। जुलाई में सुरक्षा बलों की गश्त के दौरान घात लगाकर  बैठे उग्रवादियों ने हमला कर दिया था जिसमें एक सीआरपीएफ का जवान भी मारा गया था।

पढ़ें मणिपुर जातीय हिंसा: असम राइफल्स पर लगे आरोपों को पीसी नायर ने किया खारिज

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