
MEA on Pakistan: ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान के परमाणु फैसिलिटी को लेकर तमाम अटकलें लगाई जा रही हैं। कई दिनों से वहां लीकेज का भी दावा किया जा रहा है। मंगलवार को विदेश मंत्रालय ने अपनी साप्ताहिक ब्रीफिंग में यह साफ किया कि इस बारे में पाकिस्तान को जवाब देना चाहिए और उसी से सवाल पूछने चाहिए न कि भारत से। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने मंगलवार को भारत के ऑपरेशन सिंदूर सैन्य हमलों के संदर्भ में किराना हिल्स में पाकिस्तान की परमाणु सुविधा के बारे में रिपोर्टों के बारे में पूछे गए सवालों का जवाब देते हुए कहा कि इस बारे में किए जा रहे दावों का जवाब देना पाकिस्तान का काम है।
मंगलवार को प्रेस वार्ता में रणधीर जायसवाल से भारतीय हमलों के बाद पाकिस्तान में 'परमाणु रिसाव' पर सोशल मीडिया पर चर्चा के बारे में पूछा गया।
उन्होंने कहा कि रक्षा ब्रीफिंग के दौरान हमारी स्थिति बहुत स्पष्ट कर दी गई थी। जहां तक आपके सवाल का सवाल है, पाकिस्तानी मंत्री ने पहले ही इस पर कुछ टिप्पणी की है। भारत के रुख को स्पष्ट करते हुए उन्होंने कहा कि हमारी सैन्य कार्रवाई पूरी तरह से पारंपरिक क्षेत्र के भीतर थी। कुछ रिपोर्ट्स में सुझाव दिया गया था कि पाकिस्तान की राष्ट्रीय कमान प्राधिकरण बैठक बुलाएगी लेकिन बाद में उनका खंडन किया गया। वास्तव में, पाकिस्तान के सरकारी प्रतिनिधियों ने आधिकारिक तौर पर रिकॉर्ड पर इसका खंडन किया है।
एक सवाल के जवाब में जायसवाल ने यह भी साफ किया कि ऑपरेशन सिंदूर (Operation Sindoor) की शुरुआत से लेकर 10 मई को सैन्य संघर्ष के शांत होने तक भारत और अमेरिका के नेताओं के बीच केवल सैन्य स्थिति को लेकर बातचीत हुई थी, व्यापार से जुड़ा कोई विषय इनमें शामिल नहीं था।
दरअसल, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने एक बयान में कहा था कि उनके प्रशासन ने भारत और पाकिस्तान के बीच व्यापार की पेशकश करके तनाव को कम करने में भूमिका निभाई।
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