
नई दिल्ली. केरल में गर्भवती हथिनी से हुई बर्बरता से पूरे देश में गम और गुस्से का माहौल है। फिल्मी हस्तियों से लेकर उद्योग जगत के हस्ती और देश का हर आम नागरिक दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहा है। इन सब के बीच पशु अधिकारों पर काम करने के लिए मशहूर बीजेपी नेता मेनका गांधी ने काफी सनसनीखेज दावा किया है। उन्होंने कहा कि केरल में हर तीसरे दिन एक हाथी को मारा जाता है। उन्होंने कहा कि खासकर मल्लापुरम जिला जानवरों ही नहीं, इंसानों पर बर्बरता की घटनाओं के लिए पूरे देश में कुख्यात है। मेनका ने कांग्रेस नेता और वायनाड से सांसद राहुल गांधी की चुप्पी पर सवाल उठाते हुए कहा, 'राहुल गांधी उसी इलाके से हैं, उन्होंने कार्रवाई क्यों नहीं की?'
मल्लापुरम में हर दिए एक-न-एक कांड होता हैः मेनका
मेनका ने कहा, 'मल्लापुरम ऐसा जिला है जहां शायद पूरे देश में सबसे ज्यादा उत्पात मचता है। मल्लापुरम में हर दिन एक-न-एक कांड होता है। ये जानवरों को मारते ही मारते हैं। सिर्फ हाथियों को ही नहीं मारते, वो जहर फेंक देते हैं और हजारों जानवर एक साथ मर जाते हैं। चिड़ियों को मारते हैं, कुत्तों को मारते हैं। वहां रोज के रोज मारा-पीटी होती है।'
'तीन दिन-पांच दिन में मारे जा रहे हैं हाथी'
मेनका गांधी ने केरल सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि राज्य की पिनराई विजयन सरकार मल्लापुरम में कोई कार्रवाई करने से डरती है। उन्होंने कहा, 'केरल में मशहूर है कि वहां कुछ भी मारो, केरल सरकार कोई कार्रवाई नहीं करने वाली। फॉरेस्ट सेक्रटरी आशा थॉमस, चीफ वाइल्ड लाइफ वॉर्डन सुरेंद्रन और पर्यावरण मंत्री के. राजू से बोल-बोलकर पागल हो गए। यह पहला मामला तो नहीं है। तीन दिन-पांच दिन में हाथी मारे जा रहे हैं।'
इंसानों की भी मारते हैं, डरती है राज्य सरकार
उन्होंने कहा कि मल्लापुरम में लोग जानवरों को ही नहीं, इंसानों को भी बर्बरता से मारते हैं। बीजेपी नेता ने कहा कहा, 'मल्लापुरम में लोग इतनी सारी औरतों को मार चुके हैं। ये हिंदू-मुस्लिम लड़ाई करके लोगों के बाजू काट देते हैं। बहुत भयानक स्थिति है मल्लापुरम की। ऐसा लगता है कि केरल सरकार उनसे डरती है क्योंकि वहां कोई कार्रवाई होती नहीं है। प्रशासन के सबसे कमजोर लोगों को मल्लापुरम भेजा जाता है।'
इंश्योरेंस के पैसे लेने के चक्कर में की जाती है हाथियों की हत्याः मेनका
उन्होंने दावा किया कि लोग इंश्योरेंस के पैसे पाने के लिए भी हाथी को दर्दनाक मौत देते हैं। मेनका ने कहा कि केरल में हर साल करीब 600 हाथी मारे जाते हैं। यानी, हर तीसरे दिन एक हाथी मरता है। मेनका ने कहा कि हाथियों को मारा भी बेहद बर्बरता से जाता है। उन्होंने बताया, 'ये धूप में परेड पर ले जाते हैं और हाथी अगर घबराकर इधर-उधर चले जाएं तो उसी वक्त उन्हें मार देते हैं। ये हाथियों के नाम पर इंश्योरेंस लेते हैं और फिर उनके शरीर में जंग लगी कील ठोंक देते हैं ताकि उन्हें गैंगरीन हो जाए और फिर वो मर जाए। फिर वो इंश्योरेंस के पैसे ले लेते हैं। उन्हें बेड़ियां डालकर पानी में डुबो देते हैं।'
क्या है पूरा मामला
केरल के मल्लापुरम में कुछ लोगों ने एक गर्भवती हथिनी को अनानास में पटाखे भरकर खिला दिया गया। हथिनी ने जैसे ही अनानास खाया, उसके मुंह में पटाखे फूट गए और वह बुरी तरह घायल हो गई। हथिनी दौड़ते हुए नदी में जाकर खड़ी हो गई और अपना मुंह पानी में डुबोए रखा। हालांकि, वह बच नहीं सकी और नदी में ही उसने दम तोड़ दिया।
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