
नई दिल्ली. दक्षिण पश्चिम मानसून की चाल एक बार फिर तेज हो गई है। बहुत जल्द यह उत्तर भारत के राज्यों में फैल जाएगा। यह गुजरात, राजस्थान, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश की ओर कूच कर गया है। हालांकि दिल्ली में मानसून 27 जून तक ही पहुंचेगा। तब तक दिल्लीवालों को उमस का सामना करना होगा। बंगाल में लगातार बारिश के कारण अजॉय, दाराकेश्वर, ब्राह्मणी, शिलावती, सुवर्णरेखा और कंगसावती आदि नदियां उफनने से आसपास के इलाकों में बाढ़ के हालात पैदा हो गए हैं। कर्नाटक में भी रेड अलर्ट जारी किया गया है।
उत्तराखंड में भूस्खलन से रास्ता बंद
उत्तराखंड के चमोली जिले सहित कई इलाकों में लगातार बारिश हो रही है। भारी बारिश के चलते टिहरी गढ़वाल में ब्यासी के पास नेशनल हाईवे-58(ऋषिकेश-श्रीनगर हाईवे) भूस्खलन की वजह से बंद हो गया है।
मौसम विभाग यह कहता है
आज पूर्वी यूपी के ज्यादातर इलाकों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। पूरे राज्य में 21 जून तक रुक-रुककर बारिश होती रहेगी।
स्काईमेट वेदर के अनुसार, 3-4 दिनों में सौराष्ट्र, दक्षिण और मध्य गुजरात के तटीय इलाकों में भारी बारिश हो सकती है। मुंबई में हाईटाइड को देखते हुए अलर्ट जारी किया गया है।
आज उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, बिहार, छत्तीसगढ़ और झारखंड में गंभीर गरज के साथ आकाशीय बिजली गिरने की चेतावनी जारी की गई है।
देश के 80 प्रतिशत हिस्से में मानसून पहुंच चुका है। हालांकि यूपी के सहारनपुर, गुजरात के सूरत मे मानसूनी हवाओं के ठहरने से राजस्थान, हरियाणा, पंजाब और दिल्ली में मानसून थोड़ा लेट हो गया है। इसकी वजह पश्चिमी हवाओं का रुख मानसून के विपरीत था।
मौसम विभाग के अनुसार, मानसून को देशभर में सक्रिय होने में अभी तक 45 दिन लगते रहे हैं। लेकिन वर्ष, 2020 में मौसम विभाग ने अपने मानसून कैलेंडर में करेक्शन करके इसे घटाकर 38 दिन कर दिया है। ऐसे में अगर मानसून 8 जुलाई तक पूरे भारत में पहुंच जाएगा, तो बारिश की स्थिति अच्छी मानी जाएगी।
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