
नई दिल्ली। संस्कृति और संसदीय मामलों के राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने बुधवार को नई दिल्ली के महरौली स्थित अनंग ताल (Anang Tal) का निरीक्षण किया। इस ताल को 1052 ईस्वी में दिल्ली के संस्थापक राजा अनंग पाल तोमर द्वारा बनवाया गया था। अर्जुन राम मेघवाल के साथ राष्ट्रीय स्मारक प्राधिकरण के चेयरमैन तरुण विजय, एएसआई की रिजनल डायरेक्टर अर्विन मंजुल और एनएमए, एएसआई, डीडीए व स्थानीय प्रशासन के वरीष्ठ अधिकारी मौजूद थे।
दिल्ली के इतिहास में महत्वपूर्ण स्थान रहने वाले और सैकड़ों साल पुराने अनंग ताल की जीर्ण-शीर्ण स्थिति देख मेघवाल आश्चर्यचकित रह गए। उन्होंने अनंग ताल की सफाई का काम पूरा करने का निर्देश दिया। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि इसे जल्द से जल्द राष्ट्रीय स्मारक घोषित किया जाए। उन्होंने कहा कि वह डीडीए से अनंग ताल का कायाकल्प करने को कहेंगे ताकि इसका पुराना वैभव वापस लौटे।
लौटाया जा रहा पूर्व इस्लामी स्मारकों का वैभव
बता दें कि अनंग ताल का राजस्थान से मजबूत संबंध है। महाराजा अनंग पाल को पृथ्वीराज चौहान के नाना के रूप में जाना जाता है। उनका किला राय पिथौरा एएसआई की लिस्ट में है। इन दिनों इन स्मारकों को कचरे के ढेर में बदल दिया गया है। एनएमए पिछले दो साल से पूर्व इस्लामी स्मारकों का वैभव वापस लौटाने का प्रयास कर रहा है। इन स्मारकों को विदेशी आक्रमणकारियों ने नष्ट कर दिया था।
एनएमए के चेयरमैन तरुण विजय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन और समर्पण के चमत्कार से राष्ट्रीय विरासत को संरक्षित किया जा रहा है। उन्होंने अनंग ताल पर त्वरित कार्रवाई के लिए मंत्री मेघवाल को धन्यवाद दिया।
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