गंभीर कोरोना मरीजों की होगी जांच, लक्षण नहीं मिले तो 10 दिन में छुट्टी... सरकार ने जारी की नई गाइडलाइन

Published : May 09, 2020, 11:05 AM ISTUpdated : Feb 01, 2022, 09:37 PM IST
गंभीर कोरोना मरीजों की होगी जांच, लक्षण नहीं मिले तो 10 दिन में छुट्टी... सरकार ने जारी की नई गाइडलाइन

सार

केंद्रीय स्‍वास्‍थ्‍य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने नई पॉलिसी शनिवार सुबह जारी की है। नए बदलावों के तहत, हल्‍के केसेज में डिस्‍चार्ज से पहले टेस्टिंग की जरूरत को खत्‍म कर दिया गया है। पेशेंट में कोई लक्षण ना दिखने और हालात सामान्‍य लगने पर 10 दिन में भी अस्‍पताल से छुट्टी दी जा सकती है।

नई दिल्‍ली. देश में जारी कोरोना के कहर के बीच संक्रमित मरीजों को रिकवर होने के बाद डिस्‍चार्ज करने की पॉलिसी में सरकार ने बदलाव किया है। केंद्रीय स्‍वास्‍थ्‍य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने नई पॉलिसी शनिवार सुबह जारी की है। नए बदलावों के तहत, हल्‍के केसेज में डिस्‍चार्ज से पहले टेस्टिंग की जरूरत को खत्‍म कर दिया गया है। पेशेंट में कोई लक्षण ना दिखने और हालात सामान्‍य लगने पर 10 दिन में भी अस्‍पताल से छुट्टी दी जा सकती है। डिस्‍चार्ज होने के बाद, पेशेंट को अब 14 दिन की बजाय 7 दिन होम आइसोलेशन में रहना होगा। जिसके बाद 14 वें दिन टेली-कॉन्‍फ्रेंस के जरिए मरीज का फॉलो-अप किया जाएगा।

3 दिन तक नहीं आया बुखार तो 10 दिन में डिस्चार्ज 

ऐसे मरीज जिनमें कोरोना के लक्षण नहीं या बहुत हल्‍के हैं, उन्‍हें कोविड केयर फैसिलिटी में रखा जाएगा। जहां उन्‍हें रेगुलर टेम्‍प्रेचर चेक और पल्‍स ऑक्सिमेट्री मॉनिटरिंग से गुजरना होगा। अगर 3 दिन तक बुखार ना आया हो तो मरीज को 10 दिन के बाद डिस्‍चार्ज किया जा सकता है। उससे पहले टेस्टिंग की जरूरत नहीं होगा। 

डिस्‍चार्ज के वक्‍त मरीज को 7 दिन तक होम आइसोलेशन में रहने को कहा जाएगा। डिस्‍चार्ज से पहले, अगर कभी भी ऑक्‍सीजन सैचुरेशन 95 पर्सेंट से नीचे जाता है तो मरीज को डेडिकेटेड कोविड हेल्‍थ सेंटर (CDC) ले जाया जाएगा।

मॉडरेट केसेज सीधे ऑक्‍सीजन बेड्स पर होंगे भर्ती

थोड़े गंभीर लक्षण वाले मरीजों को डेडिकेटेड कोविड हेल्‍थ सेंटर में ऑक्‍सीजन बेड्स पर रखा जाएगा। उन्हें बॉडी टेम्‍प्रेचर और ऑक्‍सीजन सैचुरेशन चेक्‍स से गुजरना होगा। अगर बुखार 3 दिन में उतर जाता है और मरीज का अगले 4 दिन तक सैचुरेशन लेवल 95% से ज्‍यादा रहता है तो मरीज को 10 दिन के बाद छोड़ा जा सकता है। मगर बुखार, सांस लेने में तकलीफ और ऑक्‍सीजन की जरूरत नहीं होनी चाहिए। ऐसे मरीजों को डिस्‍चार्ज से पहले टेस्टिंग से नहीं गुजरना होगा।

गंभीर मरीजों के लिए सरकार की नई गाइडलाइन

ऐसे मरीज जो ऑक्‍सीजन सपोर्ट पर हैं, उन्‍हें क्लिनिकल सिम्‍प्‍टम्‍स दूर होने के बाद ही डिस्‍चार्ज किया जाएगा। लगातार 3 दिन तक ऑक्‍सीजन सैचुरेशन मेंटेन रखने वाले मरीज ही डिस्‍चार्ज होंगे। इसके अलावा HIV पेशेंट्स और अन्‍य गंभीर बीमारियों वाले पेशेंट्स को क्लिनिकल रिकवरी और RT-PCR टेस्‍ट में नेगेटिव आने के बाद ही डिस्‍चार्ज किया जाएगा।

डिस्चार्ज होने के बाद 7 दिन रहना होगा होम आइसोलेशन में 

मरीज को छुट्टी मिलने के बाद 7 दिन तक होम आइसोलेशन में रहना होगा। अगर बुखार, कफ या सांस लेने में तकलीफ जैसे लक्षण डेवलप होते हैं तो मरीज को कोविड केयर सेंटर या स्‍टेट हेल्‍पलाइन या फिर 1075 पर कॉन्‍टैक्‍ट करना होगा। 14वें दिन मरीज का फॉलो-अप टेली-कॉन्‍फ्रेंस के जरिए किया जाएगा।

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