
नई दिल्ली. रेलवे मंत्रालय ने शनिवार को लॉकडाउन में प्रवासी मजदूरों को घर पहुंचाने में रेलवे के प्रयासों का जिक्र किया। रेलवे ने बताया कि लॉकडाउन में 1 मई से अब तक 2600 श्रमिक स्पेशल ट्रेनें चलाई गईं। इनमें करीब 35 लाख श्रमिक अपने घर पहुंचे। रेलवे ने बताया इनमें से करीब 26 लाख यात्रियों ने एक राज्य से दूसरे राज्य की यात्रा की। जबकि करीब 9 लाख ऐसे यात्री हैं, जिन्होंने राज्य के भीतर यात्रा की।
रेलवे के चेयरमैन विनोद यादव ने बताया, पहले दिन 1 मई को सिर्फ 4 ट्रेनें चलाई गई थीं। इनमें सिर्फ 4000 यात्रियों ने यात्रा की थी। सबसे ज्यादा ट्रेनें 20 मई को 279 चलाई गईं। औसत हर रोज 260 श्रमिक स्पेशल ट्रेनें चलाई जा रही हैं। अगले 10 दिन में 2600 ट्रेनें चलाई जाएंगी।
80 हजार बेड तैयार
रेलवे ने बताया कि 5000 कोचों को कोविड 19 के वार्ड के तौर पर तैयार किया गया था। इनमें करीब 80 हजार बेड हैं। इन्हें राज्यों की मांग पर कहीं भी तैनात किया जा सकता है। रेलवे की ओर से बताया गया कि 50% कोचों को श्रमिक स्पेशल ट्रेनों में इस्तेमाल किया जाने लगा है। विनोद यादव ने बताया, रेलवे की फैक्ट्रियों में पीपीई किट बनाई है। इसके अलावा 1.4 लाख लीटर सैनिटाइजर बनाया बनाया गया है।
12 मई से 15 शहरों के लिए चल रही ट्रेनें
रेलवे ने बताया कि 12 मई से हर रोज 15 शहरों के लिए ट्रेनें चलाई जा रही हैं। इनमें करीब 97% बुकिंग हो रही है। इनमें सोशल डिस्टेंसिंग का भी ध्यान दिया जा रहा है।
25 मार्च से बंद है रेल सेवा
भारतीय यात्री रेल सेवा लॉकडाउन के पहले चरण यानी 25 मार्च से बंद है। हालांकि, बाद में रेलवे ने प्रवासी मजदूरों को घर पहुंचाने के लिए राज्यों की सिफारिश पर स्पेशल श्रमिक ट्रेनें शुरू की थीं। इसके बाद 12 मई को दिल्ली से 15 जोड़ी ट्रेनें शुरू की गई हैं।
1 जून से चलनी हैं 200 ट्रेनें
कोरोना के संक्रमण के चलते रेल सेवा बंद की गई थी। अब इसे चरणबद्ध तरीके से शुरू किया जा रहा है। 1 जून से 200 नॉन-एसी ट्रेनें शुरू की जाएंगी। इन ट्रेनों के टिकटों की ऑनलाइन और काउंटर पर बुकिंग हो रही है। गुरुवार तक इन ट्रेनों में 13 लाख टिकट बुक हो चुके हैं।
- एडवांस रिजर्वेशन पीरियड- 30 दिन है।
- इनकी बुकिंग 21 मई से शुरू हो गई है।
- सोशल डिस्टेंसिंग और सैनिटाइजेशन प्रोटोकॉल का ध्यान रखा जाएगा।
- सभी यात्रियों की स्क्रीनिंग की व्यवस्था की जाएगी।
- फेस कवर और आरोग्य सेतु ऐप डाउनलोड करनी होगी।
प्रवासी मजदूरों के मामले में गृह मंत्रालयों ने लगातार एडवाइजरी जारी की
गृह मंत्रालय की संयुक्त सचिव पुण्य सलिला श्रीवास्तव ने बताया कि गृह मंत्रालय राज्यों को प्रवासी मजदूरों के मुद्दों पर लगातार एडवाइजरी जारी कर रहा था। 27 मार्च को राज्यों से कहा गया था कि प्रवासी मजदूरों के पलायन के मुद्दे पर तुरंत और संवेदनशीलता दिखाए। इसके अलावा कहा गया था कि उनके रहने, खाने और जरूरी सामान की व्यवस्थाएं की जाएं। 28 मार्च को राज्यों से प्रवासी मजदूरों के खाने और रहने के लिए स्टेट डिजास्टर फंड का इस्तेमाल करने की छूट दी गई। इसके अलावा 29-30 मार्च को फिर एडवाइजरी की गई।
National News (नेशनल न्यूज़) - Get latest India News (राष्ट्रीय समाचार) and breaking Hindi News headlines from India on Asianet News Hindi.