
नई दिल्ली. कोरोना संक्रमण के बीच भारत और यूके ने मंगलवार को एक ऐतिहासिक फैसला किया। व्यापार और निवेश को बढ़ावा देने वर्चुअल मीटिंग के दौरान भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने एक अरब पाउंड के निवेश का ऐलान किया है। विदेश मंत्रालय के अनुसार, दोनों नेता व्यापक रिश्तों को एक नया आयाम देने 10 साल का रोडमैप जारी कर सकते हैं। इसके तहत यूके में हेल्थ और टेक्नोलॉजी जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में 553 मिलियन पाउंड से अधिक का भारतीय निवेश शामिल है।
यह भी जानें...
मंगलवार को दोनों देशों के बीच हुई वर्चुअल समिट की घोषणा करते हुए विदेश मंत्रालय ने कहा कि इससे दोनों देशों के बहुआयामी रणनीतिक रिश्तों को बल मिलेगा। इस दिशा में 2030 का तक का रोडमैप तैयार होगा। इससे पांच क्षेत्रों-आपसी रिश्ता, व्यापार एवं समृद्धि, रक्षा, जलवायु और स्वास्थ्य में दोनों देशों को आगे बढ़ाने का मार्ग प्रशस्त होगा। बता दें कि 2004 से लगातार भारत और यूके के बीच रणनीतिक साझेदारी का रिश्ता मजबूत हो रहा है। बेशक कोरोना के चलते जॉनसन को अपनी भारत यात्रा रद्द करनी पड़ी थी, लेकिन अब दोनों देश वर्चुअल मीटिंग करते रहेंगे।
कोरोना संकट में भारत की मदद कर रहा ब्रिटेन
कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर से जूझ रहे भारत की मदद के लिए ब्रिटेन आगे आया है। इस मीटिंग से पहले यूके ने भारत को 100 वेंटिलेटर भेजने की तैयारी की है। इसके अलावा यूके से ऑक्सीजन सिलेंडर, कंसंट्रेटर और अन्य मेडिकल इक्वपिमेंट्स भी आना शुरू हो गए हैं।
National News (नेशनल न्यूज़) - Get latest India News (राष्ट्रीय समाचार) and breaking Hindi News headlines from India on Asianet News Hindi.