
नई दिल्ली. मोदी सरकार के 36 मंत्री 18 से 24 जनवरी के बीच जम्मू और कश्मीर का दौरा करेंगे। ये सभी मंत्री आर्टिकल 370 को हटाने के फैसले को लेकर आम लोगों से चर्चा करेंगे। केन्द्र सरकार में कुल 57 मंत्री हैं, जिसमें से 36 को इस काम के लिए एक साथ कश्मीर भेजा जा रहा है। ये सभी मंत्री जनता को सरकार की नीतियों के बारे में बताएंगे और सरकार के हर फैसले से देश और जनता को क्या फायदा मिलेगा। इस बात से लोगों को अवगत कराएंगे। कश्मीर घाटी के संवेदनशील इलाकों में आर्टिकल 370 को हटाने से मिले फायदों के बारे में लोगों को समझाया जाएगा।
मंत्रियों के कश्मीर दौरे के समय गृह मंत्रालय बाकी सभी मंत्रालयों के बीच समन्वय बनाए रखने का काम करेगा। इस संबंध में गृह राज्य मंत्री किरण रिजीजू ने जम्मू कश्मीर के मुख्य सचिव बीवीआर सुब्रमण्यम को पत्र लिखा है। रेड्डी ने कहा कि गृहमंत्री अमित शाह चाहते हैं कि सभी केन्द्रीय मंत्री जम्मू कश्मीर का दौरा जरूर करें और वहां के लोगों को इलाके के विकास से संबंधित सरकारी नीतियों से अवगत कराएं। मंत्रियों को आम लोगों से मिलने को कहा गया है। इस दौरान संसदीय क्षेत्र से लेकर ब्लॉक स्तर तक मीटिंग की जाएगी।
सूत्रों के अनुसार इस दौरान जम्मू में 51 और कश्मीर में 8 दौरे होंगे। केन्द्रीय मंत्री स्मृति ईरानी 19 जनवरी को कटड़, रईसी और पंथाल के आसपास के ईलाकों में जाकर लोगों को आर्टिकल 370 हटाने से हुए फायदों के बारे में बताएंगी। पीयूष गोयल भी इसी दिन श्रीनगर में जनता के बीच होंगे। रेड्डी 22 जनवरी को गांदरबल में सरकारी फैसलों की वकालत करेंगे। इन मंत्रियों सहित कुल 36 मंत्री इस दौरान एक हफ्ते के अंदर जनता के बीच जाकर उन्हें सराकार की नीतियों के बारे में समझाएंगे।
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