मुस्लिम छात्रों ने जीता Ramayana Quiz, कहा- हर भारतीय को पढ़ना चाहिए रामायण, यह है हमारी संस्कृति का हिस्सा

Published : Aug 08, 2022, 11:57 AM ISTUpdated : Aug 08, 2022, 12:08 PM IST
मुस्लिम छात्रों ने जीता Ramayana Quiz, कहा- हर भारतीय को पढ़ना चाहिए रामायण, यह है हमारी संस्कृति का हिस्सा

सार

केरल के दो छात्रों ने पिछले महीने रामायण क्वीज जीता है। इनके नाम मोहम्मद बासिथ एम और मोहम्मद जाबिर पीके हैं। दोनों  केकेएसएम इस्लामिक एंड आर्ट्स कॉलेज में पढ़ते हैं।

मलप्पुरम (केरल)। केरल के दो छात्रों ने पिछले महीने रामायण क्वीज जीता है। इनके नाम मोहम्मद बासिथ एम और मोहम्मद जाबिर पीके हैं। मोहम्मद बासिथ से अगर कोई महाकाव्य रामायण के पसंदीदा श्लोक के बारे में पूछता है तो वह अयोद्ध्या कांड के श्लोक सुनाते हैं। इसमें लक्ष्मण के गुस्से और भगवान राम द्वारा उन्हें सांत्वना देने व राज्य और शक्ति की व्यर्थता समझाने का जिक्र है।

बासिथ न केवल 'अध्यात्म रामायणम' (थुंचथु रामानुजन एज़ुथाचन द्वारा लिखित महाकाव्य का मलयालम संस्करण) के छंदों को धाराप्रवाह और मधुर रूप से प्रस्तुत करते हैं, बल्कि पवित्र पंक्तियों के अर्थ और संदेश को भी विस्तार से बताते हैं। बासित और उनके कॉलेज के साथी मोहम्मद जाबिर ने महाकाव्य रामायण का गहन अध्ययन किया है। इसी ज्ञान के चलते वह डीसी बुक्स द्वारा ऑनलाइन आयोजित रामायण क्वीज के विजेता बने हैं।

सभी भारतीयों को पढ़ना चाहिए रामायण
बासित और जाबिर वालेंचेरी के केकेएसएम इस्लामिक एंड आर्ट्स कॉलेज में पढ़ते हैं। बासित आठ वर्षीय पाठ्यक्रम के पांचवें साल में हैं। वहीं, जाबिर फाइनल इयर में हैं। रामायण क्वीज में इस्लामिक कॉलेज के छात्रों की जीत ने लोगों का ध्यान खींचा है। लोग उन्हें बधाई दे रहे हैं। बासित और जाबिर ने कहा कि वे बचपन से महाकाव्य रामायण के बारे में जानते थे। यह धर्मग्रंथ हमारे वाफी पाठ्यक्रम में शामिल है, जिसके चलते हमने रामायण और हिंदू धर्म के बारे में गहराई से पढ़ना और सीखना शुरू किया था। 

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जाबिर ने कहा, "सभी भारतीयों को रामायण और महाभारत महाकाव्यों को पढ़ना और समझना चाहिए। वे देश की संस्कृति, परंपरा और इतिहास का हिस्सा हैं। मेरा मानना है कि इन ग्रंथों को पढ़ना और समझना हमारी जिम्मेदारी है। राम को अपने प्रिय पिता दशरथ से किए गए वादे को पूरा करने के लिए अपने राज्य का भी त्याग करना पड़ा। सत्ता के लिए अंतहीन संघर्षों के दौर में रहते हुए, हमें राम जैसे पात्रों और रामायण जैसे महाकाव्यों के संदेश से प्रेरणा लेनी चाहिए।"

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