
अमृतसर. पंजाब में अगले साल विधानसभा चुनाव है। इससे पहले ये संकेत मिलने लगे हैं कि पंजाब कांग्रेस में सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है। दरअसल, मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह के पार्टी बदलने के आरोपों पर नवजोत सिद्धू ने खुले आम उन्हें चुनौती दे डाली। सिद्धू ने कहा कि वे उन पर लगाए गए दलबदल के आरोपों को साबित करके दिखाएं।
नवजोत सिंह सिद्धू और कैप्टन अमरिंदर सिंह के बीच शुरुआत से ही सब कुछ ठीक नहीं रहा। 2019 में सिद्धू ने अमरिंदर सिंह की कैबिनेट से इस्तीफा दे दिया था। हालांकि, हाल ही में अमरिंदर सिंह और सिद्धू के बीच मुलाकात भी हुई थी, इसके बाद कहा जा रहा था कि एक बार फिर सिद्धू की कैबिनेटे में वापसी हो सकती है।
मैंने कभी किसी पद के लिए बात नहीं की- सिद्धू
इन चर्चाओं को हवा मिलती, इससे पहले अमृतसर से विधायक सिद्धू ने शनिवार को कहा कि उन्होंने कभी किसी पद के लिए बात नहीं की। उन्हें कई बार मंत्रिमंडल में शामिल होने का न्योता मिला है। इतना ही नहीं सिद्धू ने ट्विटर पर एक वीडियो अपलोड किया, इसमें वे कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी, पार्टी नेता राहुल गांधी, प्रियंका गांधी के साथ फोटो में नजर आ रहे हैं।
'एक भी बैठक के बारे में बताएं'
सिद्धू ने आगे कहा, आप ऐसी एक बैठक के बारे में भी बताएं जिसमें मैं किसी अन्य पार्टी नेता से मिला हूं। मैंने अब तक कोई पद नहीं मांगा। मैं सिर्फ पंजाब की समृद्धि चाहता हूं। मुझे कई बार कैबिनेट में शामिल होने की पेशकश की गई, लेकिन मैंने मना कर दिया। अब हमारे आलाकमान ने हस्तक्षेप किया है, प्रतीक्षा करूंगा।
क्या है मामला?
दरअसल, पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने पिछले महीने 2015 में कोटकपुरा गोलीबारी की घटना की जांच को रद्द कर दिया था। यह घटना फरीदकोट में एक धार्मिक पाठ की बेअदबी के विरोध में हुई थी। इसके बाज नवजोत सिंह सिद्धू ने अमरिंदर सिंह की आलोचना की थी।
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