
नई दिल्ली. एक फरवरी को फांसी देने के लिए निर्भया के चारों दोषियों को फांसी देने के लिए जेल में ट्रायल हुआ। पवन जल्लाद ने निर्भया के चारों दोषियों के डमी को फांसी पर लटकाया। इस दौरान कैदी के वजन से डेढ़ गुना ज्यादा वजन के पुतलों को लटकाया। रस्सी, तख्ते और लिवर का भी ट्रायल हुआ। दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने निर्भया के चारों दोषियों को एक फरवरी की सुबह 6 बजे फांसी की तारीख तय की है।
फांसी रोकने के लिए कोर्ट पहुंचे दोषी
फांसी रुकवाने के लिए दोषी के वकील एपी सिंह ने कोर्ट पहुंचे। उन्होंने तर्क दिया कि अभी तक सभी दोषियों ने अपने कानूनी अधिकारों को इस्तेमाल नहीं किया है, लिहाजा फांसी की तारीख को टाल दिया जाए। दोषियों को मौत से पहले सभी विकल्पों को अपनाने का मौका दिया जाए।
निर्भया के कुल 6 दोषी
निर्भया के 6 दोषी थे। एक ने जेल में आत्महत्या कर ली। एक नाबालिग 3 साल की सजा काटकर छूटा। 4 दोषियों को फांसी की सजा।
गैंगरेप के 13 दिन बाद निर्भया ने दम तोड़ दिया था
दक्षिणी दिल्ली के मुनिरका बस स्टॉप पर 16-17 दिसंबर 2012 की रात पैरामेडिकल की छात्रा अपने दोस्त को साथ एक प्राइवेट बस में चढ़ी। उस वक्त पहले से ही ड्राइवर सहित 6 लोग बस में सवार थे। किसी बात पर छात्रा के दोस्त और बस के स्टाफ से विवाद हुआ, जिसके बाद चलती बस में छात्रा से गैंगरेप किया गया। लोहे की रॉड से क्रूरता की सारी हदें पार कर दी गईं। छात्रा के दोस्त को भी बेरहमी से पीटा गया। बलात्कारियों ने दोनों को महिपालपुर में सड़क किनारे फेंक दिया गया। पीड़िता का इलाज पहले सफदरजंग अस्पताल में चला, सुधार न होने पर सिंगापुर भेजा गया। घटना के 13वें दिन 29 दिसंबर 2012 को सिंगापुर के माउंट एलिजाबेथ अस्पताल में छात्रा की मौत हो गई।
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