
नई दिल्ली. निर्भया गैंगरेप केस में दोषियों को 7 जनवरी तक की मोहलत मिल गई है। पटियाला हाउस कोर्ट ने निर्भया की मां की याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि मैं आप लोगों (दोषियों) को पूरा वक्त दे रहा हूं। 7 जनवरी को सुनवाई होगी। यह सुन कोर्ट में ही निर्भया की मां रो पड़ीं। उन्होंने कहा, "अदालत ने दोषियों को अपील के लिए समय दिया है। कोर्ट केवल उनके अधिकारों को देख रहा है, हमारे नहीं। इस बात की कोई गारंटी नहीं है कि अगली तारीख पर फैसला सुनाया जाएगा।"
चौथे दोषी की पुनर्विचार याचिका खारिज
इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने निर्भया के चौथे दोषी अक्षय की पुनर्विचार याचिका खारिज कर दी। जस्टिस आर भानुमति की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि अक्षय की समीक्षा याचिका अन्य दोषियों की याचिकाओं के समान है। इसमें कुछ नया नहीं है, जिन्हें शीर्ष अदालत 2018 में ही रद्द कर चुकी है।
निर्भया का दोषी नंबर 1, मुकेश सिंह - निर्भया से गैंगरेप का दोषी मुकेश बस क्लीनर का काम करता था। जिस रात गैंगरेप की यह घटना हुई थी उस वक्त मुकेश सिंह बस में ही सवार था। गैंगरेप के बाद मुकेश ने निर्भया और उसके दोस्त को बुरी तरह पीटा था।
निर्भया का दोषी नंबर 2, विनय शर्मा- निर्भया का दोषी विनय जिम ट्रेनर का काम करता था। वारदात वाली रात विनय बस चला रहा था। इसने पिछले साल जेल के अंदर आत्महत्या की कोशिश की थी लेकिन बच गया।
निर्भया का दोषी नंबर 3, पवन गुप्ता- पवन दिल्ली में फल बेंचने का काम करता था। वारदात वाली रात वह बस में मौजूद था। पवन जेल में रहकर ग्रेजुएशन की पढ़ाई कर रहा है।
निर्भया का दोषी नंबर 4, अक्षय ठाकुर- यह बिहार का रहने वाला है। इसने अपनी पढ़ाई बीच में ही छोड़ दी और दिल्ली चला आया। शादी के बाद ही 2011 में दिल्ली आया था। यहां वह राम सिंह से मिला। घर पर इस पत्नी और एक बच्चा है।
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