
नई दिल्ली. निर्भया केस में एक दोषी ने एक बार फिर सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है। दोषी पवन गुप्ता ने सुप्रीम कोर्ट में स्पेशल लीव पिटीशन दाखिल की है। इसमें उसने दावा किया है कि वह घटना के वक्त नाबालिग था। पवन कुमार की याचिका में दावा किया गया है कि हाईकोर्ट ने इस दावे को दरकिनार कर दिया है।
इससे पहले पवन कुमार ने दिल्ली हाईकोर्ट में भी यही याचिका दायर की थी। लेकिन हाईकोर्ट ने इसे नकार दिया था।
दोषियों का नया डेथ वारंट जारी
निर्भया केस में पटियाला कोर्ट ने शुक्रवार को नया डेथ वारंट जारी किया है। अब 1 फरवरी को सुबह 6 बजे फांसी दी जाएगी। हालांकि, अभी यह तारीख और बढ़ाई जा सकती है। इससे पहले तिहाड़ प्रशासन ने कोर्ट को बताया था कि आज एक दोषी मुकेश की दया याचिका राष्ट्रपति ने खारिज कर दी थी। नियमों के मुताबिक, जब तक कोर्ट में या राष्ट्रपति के पास किसी भी दोषी की याचिका पेंडिंग होगी, तब तक उसे फांसी नहीं हो सकती।
दया याचिका खारिज
मुकेश कुमार की दया याचिका राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने खारिज कर दी है। इस दया याचिका को गृह मंत्रालय ने गुरुवार को राष्ट्रपति के पास भेजी थी। मुकेश की फांसी से पहले यह आखिरी याचिका थी।
7 साल पहले दरिंदगी का शिकार हुई थी निर्भया
16 दिसंबर, 2012 की रात में 23 साल की निर्भया से दक्षिण दिल्ली में चलती बस में 6 लोगों ने दरिंदगी की थी। साथ ही निर्भया के साथ बस में मौजूद दोस्त के साथ भी मारपीट की गई थी। दोनों को चलती बस से फेंक कर दोषी फरार हो गए थे। 29 दिसंबर को निर्भया ने सिंगापुर के अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया था।
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