
नई दिल्ली. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि अर्थव्यवस्था में तेजी से सुधार आ रहा है। GST कलेक्शन 10% तक बढ़ गया है। कोरोना वायरस के सक्रिय मामले 10 लाख से घटकर 4.89 लाख हो गए हैं। कोरोना वायरस की मृत्य दर भी घटकर 1.47% हो गई है।
आत्मनिर्भर भारत रोजगार योजना की शुरुआत
आत्मनिर्भर भारत रोजगार योजना की शुरुआत की गई है, जिससे नए रोजगार पैदा हो सके। उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भर भारत 3.0 के तहत 12 घोषणाएं की जाएंगी। पंजीकृत ईपीएफओ प्रतिष्ठान से जुड़ने वाले कर्मचारी को इसका फायदा होगा। इससे उन लोगों का फायदा मिलेगा जो पहले ईपीएफओ से नहीं जुडे थे या जिनकी नौकरी 1 मार्च से 30 सितंबर के बीच चली गई हो। यह 1 अक्टूबर 2020 से लागू होगी। अगर कोई नया कर्मचारी ईपीएफओ में रजिस्टर्ड कंपनियों में जुड़ता है और उसका मासिक वेतन 15 हजार रुपए से कम है तो उसे इसका फायदा होगा।
कैसे मिलेगा फायदा?
आत्मनिर्भर भारत रोजगार योजना के तहत नए रोजगार के अवसर के लिए इंसेंटिव दिया जाएगा। इसके तहत केंद्र सरकार दो साल तक नए योग्य कर्मचारी को सब्सिडी देगी। यानी जिस कंपनियों के पास एक हजार कर्मचारी हैं उसमें सरकार कर्मचारियों और कंपनी दोनों के ईपीएफ में 12-12 प्रतिशत का योगदान देगी। जिनके पास एक हजार से ज्यादा कर्मचारी हैं उनक कंपनियों को सरकार कर्मचारियों के ईपीएफ में 12 प्रतिशत का योगदान देगी।
किसानों के लिए कर्ज की सीमा बढ़ाई
निर्मला सीतारमण ने कहा, अब तक किसान क्रेडिट कार्ड के तहत 183 लाख एप्लिकेशन मिले हैं। बैंकों ने इसके तहत 150 लाख किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड जारी किया है। इससे 2.5 करोड़ किसानों को क्रेडिट में तेजी आएगी। बैंक ने दो चरणों में 1,43,262 करोड़ रुपए को मंजूरी दी है।
उन्होंने कहा, आरबीआई ने अपनी रिपोर्ट में तीसरी तिमाही में सकारात्मक ग्रोथ की भविष्यवाणी की है, पहले उम्मीद थी कि ये ग्रोथ चौथी तिमाही में होगी। निर्मला सीतारमण ने कहा, मूडीज ने पहले इस वित्त वर्ष में भारतीय इकॉनमी में 9.6% की गिरावट का अनुमान जताया था, जिसे उसने घटाकर अब 8.9% कर दिया है। बैंक क्रेडिट में 23 अक्टूबर तक 5.1% तेजी आई है। विदेशी मुद्रा भंडार रेकॉर्ड स्तर पर है।
निर्मला सीतारमण ने कहा, आत्मनिर्भर भारत के तहत उठाए कदमों से मजदूरों को काफी फायदा हुआ है। किसानों को राहत देने के प्रयासों का भी अच्छा नतीजा आया है। उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भर भारत के तहत ईसीएलजीस स्कीम के तहत 61 लाख लोगों ने लाभा उठाया, इसमें 1.52 लाख करोड़ रुपए वितरित किये जा चुके हैं और 2.05 लाख करोड़ रुपए के कर्ज की मंजूरी दी गई है।
एक दिन पहले ही 2 लाख करोड़ पैकेज का हुआ ऐलान
बुधवार को ही सरकार ने 10 सेक्टर्स में मैन्युफैक्चर्स के लिए 2 लाख करोड़ रुपए के प्रोडक्शन लिंक्ड इनसेंटिव्स यानी पीएलआई की घोषणा की थी।
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