
नागपुर. लोक अधिकार मंच, भाजपा, आरएसएस और अन्य संगठनों ने रविवार को नागपुर में नागरिकता कानून के समर्थन में रैली निकाली। इस रैली को नितिन गडकरी ने संबोधित किया। गडकरी ने कहा, नागरिकता कानून किसी भी हिंदुस्तानी मुस्लिम के खिलाफ नहीं है।
उन्होंने कहा कि यह कानून अफगानिस्तान, बांग्लादेश और पाकिस्तान में धर्म के आधार पर यातनाएं झेल रहे शरणार्थियों के लिए है।
'कांग्रेस ने सिर्फ आपको वोट मशीन समझा'
गडकरी ने कहा, यह हिंदुस्तानी मुस्लिमों के खिलाफ नहीं, विपक्षी पार्टियां जिनके पास जीतने का मौका नहीं है। वे बता रही हैं कि मुस्लिम खतरे में है। अगर सुरक्षित रहना है तो पंजे पर वोट करो। मोदी तुमको पाकिस्तान भेज देगा। मैं मुस्लिम भाईयों से अपील करता हूं कि इस गलत प्रचार में मत फंसे। हम सब मिलकर रहेंगे। कांग्रेस के षड़यंत्र को समझो, इन्होंने सिर्फ आपको वोट बैंक समझा है।
क्या है नागरिकता संसोधन कानून?
नागरिकता कानून के तहत पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से धार्मिक उत्पीड़न की वजह से भारत आने वाले अल्पसंख्यकों हिंदू, सिख, ईसाई, जैन, बौद्ध और पारसी धर्म के लोगों को नागरिकता देने का प्रावधान है।
देश के कई राज्यों में हो रहा हिंसक विरोध
नागरिकता कानून का देश के कई इलाकों में विरोध हो रहा है। असम, बंगाल और दिल्ली में कुछ इलाकों में हिंसक प्रदर्शन भी हुई। दिल्ली के जामिया में पुलिस और प्रदर्शनकारियों के झड़प के मामले भी सामने आए हैं।
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