
देहरादून। उत्तराखंड शासन (Uttarakhand Government) ने गंगोत्री, यमुनोत्री, बदरीनाथ और केदारनाथ चार धाम के कपाट खुलने के बाद पहले चरण की यात्रा के नियम जारी कर दिए हैं। इसके तहत शुरुआती 45 दिनों में प्रतिदिन दर्शन के लिए तीर्थयात्रियों की संख्या निश्चित कर दी गई। है।
बदरीनाथ धाम में सबसे ज्यादा श्रद्धालुओं को अनुमति
बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के मीडिया प्रभारी डाक्टर हरीश गौड़ ने बताया कि यात्रियों को कोरोना जांच (Covid 19 Test) कराना अनिवार्य नहीं है। लेकिन यात्री चाहें तो कोरोना जांच करवा सकते हैं। लेकिन यात्रा के दौरान मास्क लगाना और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना अनिवार्य है। गौड़ ने बताया कि श्री बदरीनाथ धाम में प्रतिदिन 15,000 (पंद्रह हजार), श्री केदारनाथ धाम में प्रतिदिन 12,000, श्री गंगोत्री धाम में 7,000 और श्री यमुनोत्री धाम में 4,000 श्रद्धालु प्रतिदिन दर्शन कर सकेंगे।
अब तक दो लाख रजिस्ट्रेशन
इससे पहले चारधाम यात्रा में आने वाले सभी यात्रियों को आरटी पीसीआर (RT-PCR) जांच रिपोर्ट लाने की अनिवार्यता की गई थी। हालांकि, अब यह फैसला बदल गया है। 3 मई से शुरू हो रही चार धाम यात्रा के लिए 2 लाख रजिस्ट्रेशन हो चुके हैं। इनकी संख्या लगातार बढ़ ही रही है। ऐसे में श्रद्धालुओं की संख्या सीमित किए जाने से थोड़ी मुश्किल हो सकती है। अब जब यात्रा शुरू होने में सिर्फ एक दिन बचा है, इसकी नई गाइडलाइन जारी की गई है। गौरतलब है कि चार धाम यात्रा के लिए पूरे देश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते हैं। ऐसे में जब कोरोना के केस बढ़ रहे हैं तो यह सरकार के लिए थोड़ा मुश्किल हो सकता है।
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