
Operation Sindoor Press Briefing 2nd Day: विदेश मंत्रालय ने गुरुवार 8 मई की शाम को लगातार दूसरे दिन प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए कई जानकारी दी। इस दौरान विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने पाकिस्तान में आतंकवादियों के जनाजे की फोटो दिखाते हुए पूछा- अगर हमले में सिर्फ सिविलयन मारे गए हैं तो लश्कर-ए-तैयबा के कमांडर हाफिज अब्दुल रउफ के साथ सेना के अफसर क्या कर रहे हैं?
विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने आगे कहा- अगर हमले में पाकिस्तान के सिविलयन मारे गए तो फिर आतंकवादियों को पाकिस्तानी झंडे में क्यों लपेटा गया? उन्होंने दुश्मन को आड़े हाथो लेते हुए कहा- पाकिस्तान की इमेज पूरी दुनिया में आतंकवाद के एपी सेंटर के तौर पर है। पाकिस्तान ने एबटाबाद में ही ओसामा बिन लादेन को पनाह दे रखी थी।
विक्रम मिसरी ने प्रेस ब्रीफिंग के दौरान कहा- सीमा पार से हमारे खिलाफ बहुत सी गलत सूचनाएं दी गई हैं। लेकिन कुछ बातें ध्यान में रखने लायक हैं। पहली बात ये है कि पहलगाम में हुआ हमला तनाव बढ़ने की पहली वजह है, भारतीय सेना ने उसका जवाब दे दिया है। ‘द रेजिस्टेंस फ्रंट’ जिसने पहलगाम हमले की जिम्मेदारी ली, वो आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा का ही हिस्सा है।
विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने कहा- पाकिस्तान के रक्षा मंत्री और पूर्व विदेशी मंत्री ने खुद माना है कि पाकिस्तान का आतंकी संगठनों के साथ रिश्ता रहा है। भारत ने पाकिस्तान को 26/11 और पठानकोट जैसे आतंकी हमलों के सबूत दिए, लेकिन उसने जांच में कभी सहयोग नहीं किया। हमने पठानकोट हमले में जैश-ए-मोहम्मद का हाथ होने के सबूत दिए लेकिन वो हमेशा आतंकियों को बचाता रहा।
विक्रम मिसरी ने कहा- हम संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) को सभी जानकारियां दे रहे हैं। TRF के बारे में भी लगातार अपडेट दिए जा रहे हैं। विक्रम मिसरी ने कहा- जब UNSC के बयान में TRF का नाम शामिल करने की बात आई, तो सिर्फ पाकिस्तान ने ही इसका विरोध किया। ये साफतौर पर बताता है कि पाकिस्तान अब भी आतंकी गुटों की ढाल बनकर उन्हें पाल-पोस रहा है।
National News (नेशनल न्यूज़) - Get latest India News (राष्ट्रीय समाचार) and breaking Hindi News headlines from India on Asianet News Hindi.