
नई दिल्ली. पाकिस्तान ने 20 महीने बाद कबूल कर लिया कि पुलवामा हमला इमरान सरकार के नेतृत्व में हुआ था। इमरान के मंत्री फवाद चौधरी ने गुरुवार को संसद में कहा कि पुलवामा में पाकिस्तान की कामयाबी, हमारी कौम की कामयाबी है। उन्होंने कहा, हमने हिंदुस्तान में घुसकर मारा था। पुलवामा हमला हमारी सरकार की बड़ी कामयाबी है। पाकिस्तान के बयान के बाद पुलवामा के बाद मोदी सरकार पर सवाल उठाने वाले नेताओं के पुराने ट्वीट वायरल हो रहे हैं।
केजरीवाल ने ट्वीट किया था, पाकिस्तान और इमरान खान खुलकर मोदी जी का समर्थन कर रहे हैं। अब यह स्पष्ट है कि मोदी जी ने कुछ गुप्त समझौता किया है। हर कोई पूछ रहा है - क्या पाकिस्तान ने मोदी जी की मदद के लिए चुनाव से ठीक पहले 14 फरवरी को पुलवामा में हमारे 40 बहादुर सैनिकों को मार दिया था?
राहुल गांधी ने ट्वीट किया था, आज हम #PulwamaAttack में शहीद 40 जवानों को याद कर रहे हैं। हम पूछते हैं: 1. हमले से सबसे ज्यादा फायदा किसे हुआ? 2. हमले में जांच का परिणाम क्या है?
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी पुलवामा आतंकी हमले के समय पर सवाल उठाए थे। उन्होंने कहा था, "जब चुनाव आने वाले हैं तो आप एक युद्ध छेड़ने की कोशिश कर रहे होते हैं। अमित शाह और नरेंद्र मोदी राजनीतिक भाषण दे रहे हैं। इतने बड़े हादसे के बाद भी आप जिम्मेदारी नहीं ले रहे हैं।
फारूक अब्दुल्ला ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर पुलवामा हमले का आरोप लगाया था। अब्दुल्ला ने कहा था,"मोदी साहब को चुनाव जीतना है। इसलिए ही उन्होंने ये (पुलवामा) कारनामा किया है। महात्मा गांधी के हत्यारे अब दिल्ली में सत्ता में हैं।
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