
नई दिल्ली. करतारपुर में दरबार साहिब की यात्रा करने वाले तीर्थयात्रियों से पाकिस्तान के प्रतिवर्ष 258 करोड़ भारतीय रुपये(लगभग 571 करोड़ पाकिस्तानी रुपये) कमाने की उम्मीद है। अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी। एक सरकारी अधिकारी ने बताया कि तीर्थयात्रियों से सेवा शुल्क वसूलना पाकिस्तान के लिए विदेशी मुद्रा जुटाने का एक अन्य स्रोत होगा।
हर दिन कमाएगा एक लाख डॉलर
पाकिस्तान ने गुरुद्वारा दरबार साहिब करतारपुर की यात्रा करने के लिए पांच हजार तीर्थयात्रियों को अनुमति दी है। पाकिस्तान प्रति तीर्थयात्री 20 डॉलर सेवा शुल्क भी वसूलेगा जिससे उसे हर रोज एक लाख डॉलर की कमाई होगी। सोमवार को एक अमेरिकी डॉलर 70.95 भारतीय रुपये का था और पाकिस्तान प्रतिदिन 70.95 लाख रुपये की कमाई करेगा। चूंकि तीर्थयात्रा को एक वर्ष में सभी 365 दिनों की अनुमति दी जाएगी इसलिए पाकिस्तान 3,65,00,000 डॉलर कमाएगा।
करतारपुर गलियारे से तीर्थयात्रियों के लिए यात्रा के समुचित संचालन के लिए भारत ने पाकिस्तान के साथ 23 अक्टूबर को एक समझौते पर हस्ताक्षर करने का निर्णय लिया है। भारत ने भविष्य में तीर्थयात्रियों से सेवा शुल्क वसूले जाने के निर्णय की समीक्षा किये जाने का पाकिस्तान से अनुरोध किया है।
पिछले महीने भारत और पाकिस्तान ने करतारपुर गलियारे के जरिये गुरुद्वारा दरबार साहिब की यात्रा के लिए भारतीय तीर्थयात्रियों को वीजा मुक्त यात्रा पर सहमति जताई थी।
(यह खबर न्यूज एजेंसी पीटीआई भाषा की है। एशियानेट हिंदी की टीम ने सिर्फ हेडलाइन में बदलाव किया है।)
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