
इस्लामाबाद. पाकिस्तान ने बृहस्पतिवार को भारत को कुलभूषण जाधव तक दूसरी बार राजनयिक पहुंच मुहैया कराने से इनकार कर दिया। जाधव को जासूसी और आतंकवाद के आरोप में पाक की सैन्य अदालत ने 2017 में मौत की सजा सुनाई थी। इसके बाद भारत ने उनकी मौत की सजा पर रोक तथा आगे के उपायों के लिए अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय से संपर्क किया था।
राजनयिक पहुंच देने के बारे में किया गया था सवाल
पाकिस्तान ने जुलाई में अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय के निर्देश के बाद सेवानिवृत्त भारतीय नौसेना अधिकारी जाधव को राजनयिक पहुंच प्रदान की थी और इस्लामाबाद में भारतीय उच्चायोग के प्रभारी गौरव अहलूवालिया ने जाधव से दो सितंबर को दो घंटे तक मुलाकात की थी। पाकिस्तान विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता मोहम्मद फैसल ने जाधव को फिर से राजनयिक पहुंच देने के बारे में पूछे गए एक सवाल के जवाब में कहा, 'कोई और बैठक नहीं होनी है।'
2016 में किया गया था गिरफ्तार
पाकिस्तान का दावा है कि ईरान से कथित तौर पर घुसने के बाद उसके सुरक्षा बलों ने जाधव को तीन मार्च 2016 को बलूचिस्तान प्रांत से गिरफ्तार किया था। हालांकि भारत का कहना है कि जाधव को ईरान से अगवा किया गया था जहां नौसेना से सेवानिवृत्त होने के बाद उनके व्यापारिक हित थे। पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने यह भी घोषणा की कि करतारपुर गलियारे के लिए पाकिस्तान प्रति व्यक्ति 20 डॉलर सेवा शुल्क के रूप में लेगा। फैसल ने कहा, 'पाकिस्तान प्रति व्यक्ति 20 डॉलर सेवा शुल्क के रूप में लेगा, करतारपुर गलियारे के लिए प्रवेश शुल्क के तौर पर नहीं।'
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