
मुंबई. मुंबई के पूर्व कमिश्नर परमबीर सिंह की एक चिट्ठी ने महाराष्ट्र की सिसायत में भूचाल ला दिया है। पत्र में राज्य में गृहमंत्री देशमुख से लेकर तमाम बड़े नेताओं का जिक्र कर उनकी गलती गिनाई। ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर अचानक ऐसा क्या हो गया? परमबीर सिंह को कौन सी बात बुरी लग गई कि वे बौखला गए। इसका जवाब उन्होंने चिट्ठी में ही दिया है।
चिट्ठी में परमबीर सिंह ने 10 प्वॉइंट में अपनी बात कही है।
चिट्ठी में लोकमत अखबार का जिक्र
परमबीर सिंह ने सीएम ठाकरे को लिखी चिट्ठी में लोकमत को दिए गृहमंत्री देशमुख के एक इंटरव्यू का जिक्र किया है। दरअसल, लोकमत महाराष्ट्रीय ऑफ द ईयर समारोह में अनिल देशमुख ने 18 मार्च को कहा था कि मुंबई पुलिस आयुक्त कार्यालय और आयुक्त के सहकर्मियों से गंभीर गलतियां हुई हैं जो माफ करने योग्य नहीं है। इसीलिए पुलिस आयुक्त पद से परमबीर सिंह को हटा दिया गया।
परमबीर सिंह की चिट्ठी में लोकमत के इसी इंटरव्यू का जिक्र किया है। फिर उन्होंने बताया कि कैसे एंटीलिया केस से जुड़ी जांच कर रहे थे।
चिट्ठी में परमबीर सिंह ने गृहमंत्री देशमुख के उस बयान का भी जिक्र किया, जिसमें उन्होंने कहा था कि परमबीर सिंह का तबादला रूटीन प्रशासकीय ट्रांसफर नहीं है। मुंबई पुलिस विभाग के प्रमुख होने के नाते उनके सहयोगी (सचिन वाजे) अधिकारी ने कुछ गंभीर गलतियां की है। ऐसी गलतियां की है जिसके लिए माफी नहीं दी जा सकती है। इस कारण उनका ट्रांसफर किया गया।
क्या सीएम को पहले से पता था?
पत्र में लिखा गया है कि मार्च में मैंने आपको आपके आवास वर्षा पर देशमुख के बर्ताव के बारे में बताया था। इससे पहले मैं ये बात डिप्टी सीएम, शरद पवार और दूसरे वरिष्ठ मंत्रियों को बता चुका हूं लेकिन मुझे ऐसा लगा कि उन्हें पहले से सब पता है।
गृहमंत्री देशमुख ने दी सफाई
पूर्व कमिश्नर के आरोप पर गृहमंत्री अनिल देशमुख ने सफाई दी। उन्होंने ट्वीट कर कहा, परमबीर सिंह ने खुद को बचाने के लिए झूठे आरोप लगाए हैं। मुकेश अंबानी और मनसुख हिरेन के मामले में सचिन वझे की संलिप्तता सामने आई है। जो अब तक की गई जांच से स्पष्ट हो रहा है और श्री सिंह तक सूत्र भी पहुंच रहे हैं।
चिट्ठी में क्या-क्या लिखा गया है?
मुंबई के पूर्व पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह ने महाराष्ट्र के सीएम उद्धव ठाकरे को पत्र लिखकर आरोप लगाया कि गृह मंत्री अनिल देशमुख ने सचिन वझे को बार, रेस्तरां और अन्य जगहों से हर महीने 100 करोड़ रुपए इकट्ठा करने के लिए कहा था। चिट्ठी में परमबीर सिंह ने लिखा है, "गृहमंत्री देशमुख ने सचिन वझे को कई बार अपने बंगले पर बुलाया। फंड कलेक्ट करने का आदेश दिया। इस दौरान उनके पर्सनल सेक्रेटरी मिस्टर पलांडे भी वहां मौजूद थे। मैंने इस मामले को डिप्टी चीफ मिनिस्टर और एनसीपी चीफ शरद पवार को भी ब्रीफ किया।"
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