
नई दिल्ली. निर्भया केस में दोषी पवन कुमार के पिता ने पटियाला हाउस के सेशंस कोर्ट में याचिका लगाई थी कि एक मात्र चश्मदीद गवाह के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाए। अब इस मामले में कोर्ट ने याचिका का खारिज कर दिया है। दोषी के पिता ने आरोप लगाया था कि चश्मदीद गवान ने पैसे लेकर मीडिया में इंटरव्यू दिया था। पवन के पिता ने मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट की ओर से पिछले 6 जनवरी को उसकी याचिका खारिज करने के आदेश को चुनौती दी थी।
केस का इकलौता चश्मदीद गवाह है अवनींद्र पांडे
मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट ने पवन के पिता की याचिका खारिज कर दी थी। दोषी पवन गुप्ती ने पटियाला हाउस कोर्ट में निर्भया के दोस्त और केस के इकलौते चश्मदीद गवाह अवनींद्र पांडे के खिलाफ याचिका दायर की थी। याचिका में आरोप था कि गवाह ने पैसे लिए हैं।
एक फरवरी को होनी है फांसी
निर्भया केस के चारों दोषियों को एक फरवरी को फांसी होनी है। इससे पहले पटियाला हाउस कोर्ट ने 22 जनवरी को फांसी की तारीख तय की थी, लेकिन एक दोषी के याचिका लगाए जाने के बाद नया डेथ वॉरंट जारी कर फांसी की तारीफ 1 फरवरी की सुबह 6 बजे कर दिया गया।
16-17 दिसंबर 2012 की रात हुआ था गैंगरेप
दक्षिणी दिल्ली के मुनिरका बस स्टॉप पर 16-17 दिसंबर 2012 की रात पैरामेडिकल की छात्रा अपने दोस्त को साथ एक प्राइवेट बस में चढ़ी। उस वक्त पहले से ही ड्राइवर सहित 6 लोग बस में सवार थे। किसी बात पर छात्रा के दोस्त और बस के स्टाफ से विवाद हुआ, जिसके बाद चलती बस में छात्रा से गैंगरेप किया गया। लोहे की रॉड से क्रूरता की सारी हदें पार कर दी गईं। छात्रा के दोस्त को भी बेरहमी से पीटा गया। बलात्कारियों ने दोनों को महिपालपुर में सड़क किनारे फेंक दिया गया।
13 दिन बाद निर्भया ने दम तोड़ दिया था
निर्भया का इलाज पहले सफदरजंग अस्पताल में चला, सुधार न होने पर सिंगापुर भेजा गया। घटना के 13वें दिन 29 दिसंबर 2012 को सिंगापुर के माउंट एलिजाबेथ अस्पताल में छात्रा की मौत हो गई।
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