
नई दिल्ली। पर्ल ग्रुप (Pearl Group) द्वारा देश के विभिन्न राज्यों में पांच करोड़ से अधिक इन्वेस्टर्स (investors) से 45 हजार करोड़ रुपये ठगने के आरोपियों से सीबीआई (CBI) कैमरे के सामने पूछताछ करेगी। पूछताछ के दौरान आरोपियों के वकील भी मौजूद रहेंगे। दिल्ली की एक अदालत (Delhi Court) ने सुनवाई करते हुए जांच एजेंसी को ऑडियो-विज़ुअल सीसीटीवी (CCTv) निगरानी के तहत जांच करने और आरोपियों के वकील की उपस्थिति की अनुमति देने का निर्देश दिया है। इस केस में मुख्य आरोपी एनएस भंगू हैं।
11 आरोपियों को सीबीआई ने किया है अरेस्ट
23 दिसंबर को CBI ने विभिन्न राज्यों से 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया था। गिरफ्तार आरोपियों में पर्ल ग्रुप के चन्द्र भूषण ढिल्लन, प्रेम नाथ, मनमोहन कमल महाजन, मोहनलाल सेहजपाल, कंवलजीत सिंह हैं। इसके अलावा प्रवीण कुमार अग्रवाल, मनोज कुमार जैन, आकाश अग्रवाल, अनिल कुमार खेमका, सुभाष अग्रवाल, राजेश अग्रवाल को दिल्ली, चंडीगढ़, कलकत्ता, भुवनेश्वर और कुछ अन्य राज्यों से गिरफ्तार किया गया था। कोर्ट ने 23 दिसंबर को ही उन्हें 2 दिन की सीबीआई रिमांड पर भेज दिया था।
जांच एजेंसी ने सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर जांच की
जांच एजेंसी ने शुरू में पर्ल्स ग्रुप के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) के निर्देश पर प्रारंभिक जांच की थी, जिसने कथित तौर पर पूरे देश में लगभग पांच करोड़ निवेशकों से हजारों करोड़ रुपये के घोटाले की बात सामने आई थी। करोड़ों निवेशकों के हितों पर प्रतिकूल प्रभाव डालने वाले करोड़ों रुपये के इस वित्तीय घोटाले में अन्य आरोपियों की भूमिका की जांच के लिए मामले की आगे की जांच जारी रखी गई है। इसी जांच के लिए आरोपियों को अरेस्ट किया गया है। इन आरोपियों ने करोड़ो निवेशकों की पूंजी को एक स्कीम में लगवाई और उनको झूठे दिलासे दिए। निवेश के पैसों से इन लोगों ने कानून को धता बताकर विदेशों में संपत्तियां अर्जित की हैं।
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