
नई दिल्ली. भाजपा के कार्यकारी अध्यक्ष जे पी नड्डा ने रविवार को कहा कि संशोधित नागरिकता कानून के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे विपक्षी दल ‘‘दलित विरोधी’’ हैं क्योंकि कानून से जिन लोगों को फायदा होगा, उनमें 70-80 प्रतिशत इसी वर्ग से होंगे। नड्डा ने कहा कि कानून का विरोध कर रहे दलित नेताओं की सचाई सामने आनी चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस समुदाय के सबसे बड़े संरक्षक हैं।
एक दलित संगठन द्वारा आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए नड्डा ने कांग्रेस पर नए नागरिकता कानून को लेकर अल्पसंख्यकों को गुमराह करने के लिए अभियान चलाने का आरोप लगाया। उन्होंने जोर दिया कि नया कानून तीन पड़ोसी देशों के अल्पसंख्यकों को नागरिकता देने के बारे में है, ना कि किसी की नागरिकता लेने के लिए है। अधिकतर विपक्षी दल सीएए का यह कहकर विरोध कर रहे हैं कि पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश से आये लोगों को धर्म के आधार पर नागरिकता देना सही नहीं है।
इस संदर्भ में नड्डा ने कहा कि संशोधित कानून में उन लोगों के साथ न्याय हुआ जिनका इन देशों में उत्पीड़न हुआ और जो अपने अधिकारों से वंचित रहे। उन्होंने कहा कि इसने कांग्रेस के दिये जख्मों पर मरहम लगाने का काम किया। संशोधित नागरिकता कानून से अपेक्षित लाभार्थियों में अनेक जातियों के शामिल होने का जिक्र करते हुए नड्डा ने दावा किया कि इनमें 70 से 80 प्रतिशत दलित हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘इसका विरोध कर रहे लोग दलित विरोधी हैं। हमें यह बात समझनी चाहिए।’’ उन्होंने लोगों से दलित समुदाय के सदस्यों तक संदेश पहुंचाने को कहा। कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों पर ‘वोट बैंक तथा तुष्टीकरण’ की राजनीति करने का आरोप लगाते हुए नड्डा ने कहा कि वे देश से पहले वोट रखते हैं।
(यह खबर समाचार एजेंसी भाषा की है, एशियानेट हिंदी टीम ने सिर्फ हेडलाइन में बदलाव किया है।)
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