
नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल की राजनीतिक घमासान सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच चुकी है। राज्य में विधानसभा चुनाव बाद हुई हिंसा की एसआईटी जांच की मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट में एक पीआईएल दाखिल किया गया है।
चुनाव बाद बीजेपी कार्यकर्ताओं के साथ हिंसा
दरअसल, टीएमसी की सरकार राज्य में तीसरी बार बनी है। चुनाव जीतने के बाद राज्य में हिंसा की खबरें है। कथित तौर पर बीजेपी आफिसों में तोड़फोड़ और कार्यकर्ताओं से मारपीट-अत्याचार की सामने आई है। बताया जा रहा है कि इस हिंसा में एक दर्जन से अधिक लोगों की जान जा चुकी है।
बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष कर चुके हैं दौरा
चुनाव बाद हिंसा से पीड़ित बीजेपी कार्यकर्ताओं से मिलने बीते दिनों बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा पहुंचे थे। उन्होंने पीड़ित कार्यकर्ताओं से मुलाकात भी की थी।
राज्यपाल भी राज्य में हिंसा को लेकर सख्त
राज्यपाल जगदीप धनखड़ भी राज्य के हालात पर लगातार चिंता जता रहे हैं। राज्य सरकार के कड़े ऐतराज के बावजूद वह हिंसाग्रस्त क्षेत्र का दौरा करने के अलावा कथित तौर पर दूसरे राज्य में शरण लिए लोगों से भी मुलाकात की थी।
ममता बनर्जी ने किया था हिंसा के शिकार लोगों को सहायता का ऐलान
उधर, पश्चिम बंगाल में चुनाव बाद हिंसा के शिकार करीब 16 लोगों की मदद का ऐलान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने किया था। मुख्यमंत्री ने कहा था कि चुनाव बाद हिंसा में 16 लोग मारे गए हैं जिनमें आधे बीजेपी के हैं और आधे टीएमसी के हैं। बिना भेदभाव राज्य सरकार पीड़ित परिवारों को मदद करेगी।
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