1982 में मोदी से पहली बार मिले थे शाह, फिर लगातार दो बार सरकार बनाने में बने मैन ऑफ द मैच

Published : Oct 22, 2019, 01:35 PM ISTUpdated : Oct 22, 2019, 01:48 PM IST
1982 में मोदी से पहली बार मिले थे शाह, फिर लगातार दो बार सरकार बनाने में बने मैन ऑफ द मैच

सार

गृह मंत्री अमित शाह का 22 अक्टूबर यानी मंगलवार को जन्मदिन है। भाजपा में चाणक्य की भूमिका निभाने वाले अमित शाह और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जोड़ी भी काफी प्रभावशाली मानी जाती है। 

नई दिल्ली. गृह मंत्री अमित शाह का 22 अक्टूबर यानी मंगलवार को जन्मदिन है। भाजपा में चाणक्य की भूमिका निभाने वाले अमित शाह और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जोड़ी भी काफी प्रभावशाली मानी जाती है। दोनों नेताओं के बीच दोस्ती का ये रिश्ता 37 साल पुराना है। 1982 में पहली बार दोनों नेता संघ की एक शाखा में मिले थे। उस वक्त शाह सिर्फ 17 साल के थे। पीएम मोदी संघ के प्रचारक के तौर पर काम करते थे। 

पीएम मोदी को राजनीति की तरफ बढ़ाने में भी अमित शाह की अहम भूमिका रही है। जब संघ प्रचारक रहते नरेंद्र मोदी को भाजपा में शामिल होने के लिए कहा गया था तो उन्होंने अमित शाह से ही सलाह मशविरा किया था।  

मुंबई में हुआ था जन्म
अमित शाह का जन्म 22 अक्टूबर 1964 को मुंबई के एक जैन बनिया परिवार में हुआ था। कम ही लोगों को पता होगा कि अमित शाह का पूरा नाम अमित अनिलचंद्र शाह है। राजनीति में आने से पहले वे प्लास्टिक पाइप का पारिवारिक बिजनेस संभालते थे। शाह की शादी 1987 में महज 23 साल की उम्र में हो गई थी। अमित शाह की पत्नी का नाम सोनल शाह है। उनका एक बेटा है जिसका नाम जय शाह है।

2014 में उप्र की मिली थी जिम्मेदारी
मोदी के गुजरात के मुख्यमंत्री रहते गृह मंत्री से लेकर अहम पदों पर रह चुके अमित शाह को 2014 लोकसभा चुनाव में उप्र की जिम्मेदारी दी गई थी। उन्होंने चाणक्य की भूमिका को निभाया, वे दिल्ली तक रास्ता तय करने के लिए अहम 80 सीटों वाले राज्य में 73 सीटें जिताने में कामयाब हुए। लोकसभा चुनाव के बाद उन्हें राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया गया। इसके बाद उन्होंने एक के बाद एक कर कई राज्यों में सरकार बनाने में अहम जिम्मेदारी निभाई। 2019 में एक बार फिर पार्टी को निर्णायक जीत में उनकी भूमिका अहम रही। क्षेत्रीय पार्टियों के साथ गठबंधन हो या टिकटों का बंटवारा, अमित शाह ने हर जिम्मेदारी को निभाया। इसी के चलते उन्हें सरकार में गृह मंत्री बनाया गया। लगातार दो बार सरकार बनाने में अहम भूमिका के चलते उन्हें मैन ऑफ द मैच भी कहा जा सकता है। 


राजनीतिक सफर 
 
1978: आरएसएस से जुड़े। 

1982: एबीवीपी में हुए शामिल।

1987: भारतीय जनता पार्टी के युवा मोर्चा में शामिल हुए। 
 
1997: भाजयुमो के राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष बने

1999: गुजरात भाजपा में उपाध्यक्ष बने। 

2002-2010: मोदी की गुजरात सरकार में मंत्री रहे।

2009: सेंट्रल बोर्ड ऑफ क्रिकेट एसोसिएशन अहमदाबाद के अध्यक्ष और गुजरात क्रिकेट एसोसिएशन के उपाध्यक्ष रहे।

2010: शोहराबुद्दीन एनकाउंटर मामले में गिरफ्तार।

2013: भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव बने। 

2014: गुजरात राज्य क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष बने।

2014: भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष बने।

2016: भाजपा अध्यक्ष पद के लिए दोबारा चुने गए। 

2019: देश के गृह मंत्री बने।

PREV

National News (नेशनल न्यूज़) - Get latest India News (राष्ट्रीय समाचार) and breaking Hindi News headlines from India on Asianet News Hindi.

Recommended Stories

गैंगस्टर अबू सलेम को 14 दिन की पैरोल देने से सरकार का इनकार, अब क्या बचा आखिरी रास्ता?
45 लाख के गहने देख भी नहीं डोला मन, सफाईकर्मी की ईमानदारी देख सीएम ने दिया इनाम