
नई दिल्ली. पीएम मोदी अपने गृह राज्य गुजरात दौरे पर हैं। इस दौरान वे कच्छ पहुंचे और डीसेलिनेशन प्लांट का शिलान्यास किया। इस कार्यक्रम में गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी भी मौजूद रहे। शिलान्यास से पहले पीएम मोदी ने वहां कुछ किसानों से मुलाकात की। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पीएम से मिलने वाले एक किसान ने कहा कि हमारी मुलाकात गुरुद्वारे के मसले पर हुई। हालांकि, किसी किसान ने कृषि बिल को लेकर चर्चा का जिक्र नहीं किया।
"किसानों के कंधे से बंदूक चलाने वालों की हार होगी"
उन्होंने कहा कि किसानों के कंधे से बंदूक चलाने वालों की हार होगी। हम किसानों की हर समस्या के समाधान के लिए 24 घंटे तैयार हैं। हमारी सरकार ने ऐतिहासिक कदम उठाया तो विपक्ष के लोग किसानों को भ्रमित करने में जुट गए। मुझे देश के हर कोने के किसानों ने आशीर्वाद मिला है।
"सिंगापुर और बहरीन जितना बड़ा होगा पार्क"
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए सरहद डेरी के पूरी तरह स्वचालित दुग्ध प्रसंस्करण संयंत्र और पैकिंग संयंत्र की भी आधारशिला रखी। कच्छ से पीएम मोदी ने कहा, हमारे कच्छ में दुनिया का सबसे बड़ा हाइब्रिड रिन्यूअल पार्क, इतना बड़ा है जितना बड़ा सिंगापुर और बहरीन देश है लगभग उतने बड़े क्षेत्र में यह पार्क होगा। भारत के बड़े बड़े शहरों से भी बड़ा यह पार्क होगा। यह सुनकर कितना अच्छा लगता है। मन कितना गर्व से भर जाता है।
"आज कच्छ न्यू एज टेक्नोलॉजी की ओर बढ़ रहा है"
उन्होंने कहा, आज कच्छ ने न्यू एज टेक्नोलॉजी और न्यू एज इकोनॉमी, दोनों ही दिशा में बहुत बड़ा कदम उठाया है। चाहे वो खावड़ा का नवीकरणीय ऊर्जा पार्क हो, मांडवी का डिसलाइनेशन प्लांट और अंजार में सरहद डेहरी ऑटोमैटिक प्लांट का शिलान्यास, तीनों ही कच्छ की विकास यात्रा में नए आयाम लिखेंगे। पीएम ने कहा, आज कच्छ देश के सबसे तेज़ी से विकसित हो रहे क्षेत्रों में से एक है। यहां की कनेक्टिविटी दिनों दिन बेहतर होती जा रही है।
"ये काम करीब-करीब 9 करोड़ पेड़ लगाने के बराबर"
मोदी ने कहा, खावड़ा रिन्यूबल एनर्जी पार्क में सौर व पवन ऊर्जा से करीब 30,000 मोगावाट उत्पन्न करने की क्षमता होगी। इस पार्क में करीब डेढ़ लाख करोड़ रु. का निवेश होगा। रेगिस्तान की कितनी बड़ी भूमि का सदुपयोग होगा, सीमा के साथ पवन चक्कियां लगने से सीमा सुरक्षित भी और अधिक बेहतर भी होंगी। पीएम ने कहा, इस प्रोजेक्ट से किसानों और उद्योगों दोनों को बहुत लाभ होगा। सबसे बड़ी बात इससे प्रदूषण कम होगा। इस पार्क में जो बिजली बनेगी वो हर साल 5 करोड़ टन कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन को रोकने में मदद करेगी। ये काम करीब-करीब 9 करोड़ पेड़ लगाने के बराबर होगा। ये एनर्जी पार्क भारत में प्रति व्यक्ति कार्बन उत्सर्जन को भी कम करने में बहुत बड़ा योगदान देगा। इससे करीब एक लाख लोगों को रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे।
कच्छ से पीएम मोदी ने किसानों के लिए क्या कहा?
किसानों को भ्रमित करने की साजिश चल रही है उन्हें डराया जा रहा है कि नए कृषि सुधारों के बाद किसानों की जमीन पर दूसरे कब्जा कर लेंगे। बताइए, कोई डेयरी वाला आपसे दूध लेने का कॉन्ट्रेक्ट करता है तो वो आपके पशु ले जाता है क्या?
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