PM MODI ने सत्य साईं बाबा को दी श्रद्धांजलि, यहीं से जारी करेंगे से पीएम-किसान की 21वीं किस्त

Published : Nov 19, 2025, 11:34 AM IST
Modi offers obeisance at Mahasamadhi of Sri Sathya Sai Baba (Photo/ANI)

सार

पीएम मोदी ने पुट्टपर्थी में सत्य साईं बाबा के शताब्दी समारोह में भाग लिया। वे स्मारक सिक्का व डाक टिकट जारी करेंगे। इसके बाद कोयंबटूर में वे प्राकृतिक खेती शिखर सम्मेलन का उद्घाटन कर पीएम-किसान की 21वीं किस्त जारी करेंगे।

पुट्टपर्थी (आंध्र प्रदेश): प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को आंध्र प्रदेश के पुट्टपर्थी में श्री सत्य साईं बाबा के पवित्र तीर्थ का दौरा किया और अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की। उनके साथ आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू और उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण भी मौजूद थे।

इससे पहले, श्री सत्य साईं बाबा के जन्म शताब्दी समारोह में शामिल होने के लिए पुट्टपर्थी जाते समय पीएम मोदी ने एक रोड शो किया। पीएम मोदी का स्वागत करने के लिए बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर कतार में खड़े थे।

प्रधानमंत्री की यात्रा के दौरान सुरक्षा और प्रोटोकॉल सुनिश्चित करने के लिए इलाके को बैरिकेड लगाकर सुरक्षित किया गया है और पुलिस तैनात की गई है। PMO की ओर से जारी एक आधिकारिक बयान के मुताबिक, पीएम मोदी भगवान श्री सत्य साईं बाबा के शताब्दी समारोह में हिस्सा लेंगे। इस मौके पर, वह भगवान श्री सत्य साईं बाबा के जीवन, शिक्षाओं और स्थायी विरासत के सम्मान में एक स्मारक सिक्का और डाक टिकटों का एक सेट जारी करेंगे। वह कार्यक्रम के दौरान सभा को संबोधित भी करेंगे।
बयान के अनुसार, इसके बाद, प्रधानमंत्री तमिलनाडु के कोयंबटूर जाएंगे, जहां वह दोपहर करीब 1:30 बजे दक्षिण भारत प्राकृतिक खेती शिखर सम्मेलन का उद्घाटन करेंगे।

कार्यक्रम के दौरान, प्रधानमंत्री देश भर के नौ करोड़ किसानों की मदद के लिए 18,000 करोड़ रुपये से ज़्यादा की पीएम-किसान की 21वीं किस्त जारी करेंगे। इस मौके पर पीएम सभा को भी संबोधित करेंगे। बयान में बताया गया है कि 19 से 21 नवंबर तक चलने वाले दक्षिण भारत प्राकृतिक खेती शिखर सम्मेलन का आयोजन तमिलनाडु प्राकृतिक खेती हितधारक मंच कर रहा है। 

इस सम्मेलन का मकसद टिकाऊ, पर्यावरण के अनुकूल और केमिकल-फ्री खेती के तरीकों को बढ़ावा देना है। साथ ही, भारत के कृषि भविष्य के लिए प्राकृतिक खेती को एक फायदेमंद, जलवायु के हिसाब से सही और आर्थिक रूप से टिकाऊ मॉडल के तौर पर तेजी से अपनाने पर जोर देना है। यह सम्मेलन किसान-उत्पादक संगठनों और ग्रामीण उद्यमियों के लिए बाजार से जुड़ाव बनाने पर फोकस करेगा। साथ ही, इसमें जैविक खाद, एग्रो-प्रोसेसिंग, इको-फ्रेंडली पैकेजिंग और देसी तकनीकों में हुए नए-नए प्रयोगों को भी दिखाया जाएगा। इस शिखर सम्मेलन में तमिलनाडु, पुडुचेरी, केरल, तेलंगाना, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश के 50,000 से ज़्यादा किसान, प्राकृतिक खेती करने वाले, वैज्ञानिक, जैविक खाद सप्लायर, विक्रेता और हितधारक हिस्सा लेंगे।

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