
नई दिल्ली। देश में कोरोना की दूसरी लहर बेकाबू होने और हर जगह अचानक से ऑक्सीजन की मांग बढ़ने से मची अफरातफरी के बीच पीएम नरेंद्र मोदी ने मेडिकल ग्रेड ऑक्सीजन की पर्याप्त उपलब्धता और आपूर्ति सुनिश्चित करने की समीक्षा की। समीक्षा के दौरान पीएम से स्वास्थ्य, सड़क परिवहन, इस्पात, डीपीआईआईटी आदि मंत्रालयों ने भी इस बाबत जानकारियां साझा की है। पीएम ने जोर देकर कहा कि मंत्रालयों और राज्य सरकारों के बीच तालमेल सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण है।
12 राज्यों की स्थितियों का किया आंकलन
पीएम मोदी ने सबसे अधिक कोविड केस वाले 12 वाले राज्यों (महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, गुजरात, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, छत्तीसगढ़, कर्नाटक, केरल, तमिलनाडु, पंजाब, हरियाणा व राजस्थान ) में आने वाले 15 दिनों में ऑक्सीजन की आपूर्ति की वर्तमान स्थिति और अनुमानित उपयोग की विस्तृत समीक्षा की। साथ ही इन राज्यों में जिला स्तर की ऑक्सीजन की उपलब्धता की स्थिति की रिपोर्ट भी देखी।
राज्यों को उपलब्ध कराया जा रहा ऑक्सीजन
पीएम को बताया गया कि केंद्र और राज्य नियमित संपर्क में हैं। ताकि उनकी अनुमानित मांग के अनुसार 20 अप्रैल, 25 अप्रैल और 30 अप्रैल को ऑक्सीजन की उपलब्धता सुनिश्चित कराई जा सके। इन 12 राज्यों को 4,880 मीट्रिक टन, 5,619 मीट्रिक टन और 6,593 मीट्रिक टन ऑक्सीजन आवंटित किया गया है।
अन्य संयत्रों के सरप्लस ऑक्सीजन को अस्पतालों को दिया जाएगा
बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए देश में उत्पादन क्षमता के बारे में पीएम को जानकारी दी गई। पीएम ने प्रत्येक संयंत्र की क्षमता के अनुसार ऑक्सीजन उत्पादन बढ़ाने का सुझाव दिया। यह चर्चा की गई थी कि स्टील संयंत्रों में ऑक्सीजन की आपूर्ति के सरप्लस स्टॉक को चिकित्सा उपयोग के लिए सप्लाई की जाएगी।
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