
नई दिल्ली. पीएम मोदी ने लाल किले से 87 मिनट का भाषण दिया। इस दौरान उन्होंने आत्मनिर्भर, आत्मनिर्भर भारत, कोरोना संकट, आतंकवाद, रिफॉर्म, मध्यमवर्ग और कश्मीर का जिक्र किया, लेकिन सबसे ज्यादा आत्मनिर्भर भारत पर था। अपनी पूरी स्पीच के दौरान उन्होंने 30 बार आत्मनिर्भर भारत शब्द का इस्तेमाल किया।
"भारत जो ठानता है वह करके मानता है"
प्रधानमंत्री ने कहा, भारत अगली साल आजादी के 75वें वर्ष में प्रवेश करेगा। ऐसे में अब भारत का आत्मनिर्भर भारत बनना जरूरी है। पीएम मोदी ने कहा, भारत जो ठान लेता है, वह करके मानता है। मुझे ये पूरा विश्वास है।
"130 करोड़ लोगों ने आत्मनिर्भर बनने का संकल्प लिया"
उन्होंने कहा, कोरोना के बीच 130 करोड़ लोगों ने आत्मनिर्भर बनने का संकल्प किया। आत्मनिर्भर भारत आज हर भारतवासी के मन-मस्तिष्क में छाया हुआ है। इस सपने को संकल्प में बदलते देख रहे हैं। ये आज 130 करोड़ देशवासियों के लिए मंत्र बन गया है।
कोरोना काल में भी आत्मनिर्भर बना भारत
उन्होंने कहा, आत्मनिर्भर भारत का मतलब सिर्फ आयात कम करना ही नहीं, हमारी क्षमता, हमारी Creativity हमारी skills को बढ़ाना भी है। सिर्फ कुछ महीना पहले तक N-95 मास्क, PPE किट, वेंटिलेटर ये सब हम विदेशों से मंगाते थे।
आत्मनिर्भर किसान का भी जिक्र किया
मोदी ने कहा. आत्मनिर्भर की पहली प्राथमिकता आत्मनिर्भर कृषि और आत्मनिर्भर किसान है। एक के बाद एक रिफॉर्म किसानों के लिए हुए हैं। किसानों को तमाम बंधनों से मुक्त करने का काम हमने किया। आप कपड़ा, साबुन बनाते हैं तो उसे देश में कहीं बेच सकते हैं।
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