Watch Exclusive Video: Asianet news के साथ PM मोदी का धमाकेदार इंटरव्यू, फर्स्ट टाइम हर मुद्दे पर दिया इनडेप्थ जवाब

Published : Apr 20, 2024, 08:01 PM ISTUpdated : Apr 25, 2024, 12:33 PM IST
Modi Exclusive interview Cover

सार

पीएम मोदी ने हाल ही में Asianet News को अब तक का सबसे इनडेप्थ इंटरव्यू दिया। इस दौरान उन्होंने भारत की ग्रोथ स्टोरी, ईडी-सीबीआई, चुनाव में फ्रीबीज से नुकसान और मिडिल क्लास से जुड़े कई मुद्दों पर खुलकर बात की।

लोकसभा चुनाव-2024 में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सबसे ज्यादा किसी चीज पर जोर दे रहे हैं तो वो है 'मोदी की गारंटी'। अपने 10 साल के कामकाज को लेकर वो जनता के बीच जा रहे हैं। हाल ही में पीएम मोदी ने Asianet News को अब तक का सबसे इनडेप्थ इंटरव्यू दिया। इस दौरान राजेश कालरा, एग्जीक्यूटिव चेयरमैन, एशियानेक्स्ट डिजिटल टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड, अजीत हनमक्कानवार, एडिटर एशियानेट सुवर्णा न्यूज और सिंधु सूर्यकुमार, एग्जीक्यूटिव एडिटर, एशियानेट न्यूज ने देश के हर बड़े मुद्दे से जुड़े सवाल किए, जिनका पीएम ने बड़ी बेबाकी से जवाब दिया। पेश हैं बातचीत के प्रमुख अंश।

Watch: PM नरेन्द्र मोदी का फुल इंटरव्यू...

सवाल- आपको दो बार निर्णायक जीत मिली और तीसरी बार जीत के लिए आप भारत की ग्रोथ स्टोरी की बात करते हैं। ग्रोथ स्टोरी और निर्णायक जीत का क्या मेल है?

जवाब- 2013 में मुझे ये कहा गया कि इस आदमी को हिंदुस्तान का क्या पता है, इसे दुनिया के बारे में क्या पता है। ये सारे नकारात्मक मुद्दे होने के बावजूद भी लोगों ने हमें सेवा का मौका दिया। मैं कह सकता हूं कि 2014 उम्मीद का कालखंड था। 2019 में ये विश्वास में बदल गया और आज जब मैं 2024 में देशवासियों के पास गया, तो मेरा 13-14 साल तक एक राज्य के मुख्यमंत्री के नाते अनुभव, 10 साल का प्रधानमंत्री के नाते अनुभव और किए गए कामों के आधार पर कह सकता हूं कि मैं इस बार गारंटी लेकर गया हूं। उम्मीद, विश्वास और अब गारंटी। 2024 का चुनाव मोदी या बीजेपी नहीं लड़ रही, देश की जनता का इनीशिएटिव है।

सवाल- आप जगह-जगह जा रहे हैं। रैलियां-सभाएं कर रहे हैं। क्या माहौल लग रहा है?

जवाब- मैं सार्वजनिक जीवन में लंबे समय से काम कर रहा हूं और संगठन का कार्यकर्ता रहा हूं, इसलिए मैं माहौल को समझ पाता हूं। एकतरफा वातावरण दिख रहा है, वो चुनाव डिक्लेयर होने के बाद पैदा नहीं हुआ है। ये पिछले 10 साल में निरंतर बढ़ता गया है। लोगों का अप्रत्याशित समर्थन मिल रहा है। एक सामान्य मतदाता क्या सोचेगा? वो सोचेगा कि मैं देश की कमान किसको दे रहा हूं। वो कम्पेरिजन करेगा कि हां इनको देश सौंप सकते हैं, क्योंकि इनका ट्रैक रिकॉर्ड अच्छा है। मैं वोटर्स की आंखों में प्रेम-आकर्षण और जिम्मेवारी देखता हूं कि ये चुनाव हम जिताएंगे। मोदीजी आप शांत रहिए, चिंता मत कीजिए। ये जनता का मैसेज है, जो उम्मीद से कई गुना ज्यादा है।

सवाल - आरोप है कि भ्रष्टाचार पर नियंत्रण की आड़ में सीबीआई, ईडी और केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग किया जा रहा है। क्या कहेंगे?

जवाब - मैं आर्थिक रूप से मजबूत एक राज्य में 13 साल तक रहा। 10 साल से यहां हूं। लोग मेरे जीवन को देखते हैं। मेरे साथ वाले भी मेरा जीवन देखते हैं। वो मेरे उसूलों को देखते हैं। शुरुआत से ही मेरा आग्रह रहा है कि मेरी सरकार पॉलिसी ड्रिवन होनी चाहिए, एडवोकिज्म नहीं होना चाहिए। ब्लैक एंड व्हाइट में पॉलिसी रखें। इससे जो नागरिक है, उसको भी लगता है कि ये मेरे हक का है मुझे मिलेगा और ये मेरे हक का नहीं है तो नहीं मिलेगा। उससे एक विश्वास बढ़ता है। किसी प्रधानमंत्री ने कहा था कि हम 1 रुपया भेजते हैं तो 15 पैसे जाता है। तो बीच में कोई न कोई पंजा तो खा ही जाता था। अब हम डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर कर रहे हैं। 1 रुपया भेजते हैं, 100 पैसा पहुंचता है।

सवाल- ED-CBI के मिसयूज के बारे में सवाल उठ रहे हैं। आप क्या कहेंगे?

जवाब- मैं हैरान हूं। मान लीजिए रेलवे में टिकट चेकर की एक पोस्ट है। अब कोई ये कहे कि भई ये टिकट क्यों चेक करता है। क्या हम बेईमान हैं? टिकट चेकर का दायित्व है कि टिकट चेक करना चाहिए। वैसे, आपने ईडी-सीबीआई बनाया क्यों? सरकार को अपने राजनीतिक स्वार्थ के लिए उनको रोकना नहीं चाहिए। उनमें अड़ंगे नहीं डालना चाहिए। ईडी ने 2014 से पहले 1800 से कम केसेस किए थे। 2014 के बाद 10 साल में ईडी ने 5000 से ज्यादा केस किए । ये उसकी एफिशिएंसी है। 2014 से पहले 84 सर्चिंग कंडक्ट की गई थी। 2014 के बाद 7 हजार सर्चिंग हुई है। 2014 के पहले 5000 करोड़ की प्रॉपर्टी अटैच की गई थी। 2014 के बाद सवा लाख करोड़ की प्रॉपर्टी अटैच की गई है। ये देश की संपत्ति है। अगर हम करप्शन हटाना चाहते हैं तो जो संस्था जिस काम के लिए बनी है, उसको काम करने देना चाहिए।

सवाल- फ्रीबीज को आप किस तरह देखते हैं?

जवाब- उनकी क्या मजबूरी है, ये वो जानें। निराशा की गर्त में डूबे हुए राजनीतिक दल हाथ-पैर मारने का प्रयास कर रहे हैं। मैं मेरी बात बताता हूं। मुझे लंबे अरसे तक गुजरात में मुख्यमंत्री के नाते काम करने का अवसर मिला। 10 साल मुझे लोगों ने प्रधानमंत्री के रूप में काम करने का मौका दिया। मुझे लगता है कि हमें कभी भी देश के नागरिकों के सामर्थ्य को कम नहीं आंकना चाहिए। मैंने एक बार लाल किले से कहा- जो अफर्ड कर सकते हैं, वो गैस सब्सिडी छोड़ दें। देश में 1 करोड़ से ज्यादा लोगों ने सब्सिडी छोड़ी। कोविड के समय मैंने कहा तो सांसदों ने सैलरी छोड़ दी। ये चीजें प्रेरणा देती हैं। गरीब की हैंड होल्डिंग होनी चाहिए और हमारा मॉडल है देश के हर एक नागरिक को एम्पावर करना। पहले गरीबी हटाओ के नारे सभी ने 5 दशक तक सुने हैं। पहली बार देश सुन रहा है कि 25 करोड़ लोग गरीबी से बाहर निकले। ये एम्पावरमेंट से होता है।

सवाल- आप मिडिल-ईस्ट कंट्रीज के साथ संबंधों को बेहतर बना रहे हैं और उन्होंने आपको सम्मानित भी किया है। ऐसा पहले कभी क्यों नहीं हुआ?

जवाब- पिछली सरकारें दो ही काम करती थी, एक- ऑयल इम्पोर्ट, दूसरा सस्ते मैनपावर को मजदूरी के लिए एक्सपोर्ट करना। प्रधानमंत्री बनने के बाद 2015 में मैंने यूएई का दौरा किया। आप जानकर हैरान होंगे कि जिस देश में 25-30 लाख भारतीय रहते हों, वहां मेरे देश का प्रधानमंत्री 30 साल तक नहीं गया। ऐसे में वहां जो मेरे भारतीय भाई-बहन रहते हैं, उन्हें क्या सम्मान मिलेगा। मेरे दिल में दर्द था कि जहां मेरे केरल के भाई इतनी बड़ी संख्या में काम कर रहे हैं, मैं उनकी खबर पूछने जाऊंगा। 10 साल में मैं 13 बार मिडिल-ईस्ट गया हूं। मैंने यूएई को रिक्वेस्ट की कि जमीन चाहिए। आज यूएई में भव्य मंदिर बन चुका है।

सवाल- हेल्थकेयर मिडिल क्लास के लिए बहुत बड़ा मुद्दा है। आपने बहुत कुछ किया भी है। हम जहां है, क्या आप इस बात से संतुष्ट हैं?

जवाब- जिस दिन मोदी सैटिस्फाई हो जाए न तो आप लिख लेना कि आपको उसको श्रद्धांजलि देनी है। मैं जीवन के आखिरी तक असंतोष को पालता रहता हूं। मुझे बहुत कुछ करना है। जहां तक हेल्थ का सवाल है, गरीब परिवारों तक क्वालिटी हेल्थकेयर की पहुंच ये मेरे लिए बहुत अहम है। भारत में दुनिया की सबसे बड़ी स्वास्थ्य बीमा योजना आयुष्मान भारत है। 60 करोड़ से अधिक लोगों को बेस्ट ट्रीटमेंट, अच्छे से अच्छे हॉस्पिटल में दिलवाना हमारा लक्ष्य है। आयुष्मान योजना से लाभार्थियों के करीब सवा लाख करोड़ रुपए बचे हैं। 70 साल से ज्यादा उम्र का देश का कोई भी नागरिक हो, उसे अब आयुष्मान कार्ड मिलेगा। 

सवाल- केरल और भारत में टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए क्या प्रयास किए जाएंगे?

जवाब- भारत की ग्रोथ में बहुत बड़ा कंट्रीब्यूशन टूरिज्म को होगा। जी20 में मैंने अनुभव किया। मेरी कोशिश थी की जी20 के द्वारा मेरे राज्यों को पूरी दुनिया में एक्सपोजर मिले। दुनिया मेरे राज्यों की ताकत देखे। इसलिए हमने जी20 की करीब 200 मीटिंग्स देश की अलग-अलग जगहों पर की। केरल में गुरुवायूर, पद्मनाभ स्वामी मंदिर, सबरीमला, क्या नहीं है। भारत का सबसे पुराना चर्च, भारत की पहली मस्जिद केरल में है। केरल आयुर्वेद का हेल्थ सेंटर बन सकता है। केरल को हम इतना आगे बढ़ाना चाहते हैं कि दुनिया के लोगों के लिए सिर्फ आकर्षण का केंद्र नहीं बल्कि कम्पल्शन बन जाए।

सवाल- आप जब सत्ता में आए तो 18 साल का बच्चा 8 साल का था। तो युवाओं के साथ आपका लगाव कैसा है?

जवाब- गेमिंग की दुनिया में आज हिंदुस्तान के लोग सबसे ज्यादा हैं। लेकिन गेमिंग का मार्केट बाहर के कब्जे में है। मेड इन इंडिया गेमिंग क्यों न हो। भारत के पास इतनी कथाएं हैं, इतनी चीजे हैं और गेमिंग का दूसरा उपयोग ये है कि हम अपनी नई पीढ़ी को संस्कारित भी कर सकते हैं। कर्नाटक में ही गेमिंग वालों ने एक नदी की गंदगी और सफाई को लेकर एक गेम बनाई थी। उसके कारण लोग ऑनलाइन जुड़े और सुझाव दिए। हो सकता है वो उनके संस्कार बन जाएं।

सवाल- देश में VIP कल्चर को कैसे खत्म किया जा सकता है?

जवाब- ये चिंताजनक है। वीआईपी कल्चर का ऑरिजिन अंग्रेजों के समय से जुड़ता है। एक के लिए अलग कानून, सामान्य जनता के लिए दूसरा कानून। अंग्रेजों के जाने के बाद ये सब खत्म होना चाहिए था, लेकिन नेताओं ने जारी रखा। मेरे लिए VIP नहीं EPI है मतलब एवरी पर्सन इज इम्पॉर्टेंट। लाल बत्ती से लेकर दूसरे वीआईपी कल्चर खत्म करने का मेरा प्रयास रहा है। मैंने संसद की कैंटीन की सब्सिडी खत्म कर दी। पद्मश्री अवॉर्ड के लिए मैं ऐसे-ऐसे लोगों को खोजता हूं, वरना पहले ज्यादातर पद्म अवॉर्ड दिल्ली में नेताओं के परिचितों को ही मिलते थे।

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