
नई दिल्ली. कोर्ट का फैसला आने के बाद अयोध्या में राम मंदिर बनाने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। ऐसे में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अयोध्या में तीन या पांच अगस्त (दोनों शुभ तिथियां) को भव्य राम मंदिर की आधारशिला रखने के लिए आमंत्रित किया है। एक प्रवक्ता ने शनिवार को यह जानकारी दी। मीडिया रिपोर्ट्स में सूत्रों के हवाले से कहा जा रहा है कि प्रधानमंत्री 5 अगस्त को अयोध्या जाएंगे। उनके शेड्यूल पर काम किया जा रहा है।
प्रधानमंत्री मोदी ने 5 फरवरी को श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के गठन की घोषणा की थी। राम मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष नृत्य गोपाल दास के प्रवक्ता महंत कमल नयन दास ने कहा कि उन्होंने ग्रह नक्षत्रों की गणना के आधार पर प्रधानमंत्री की यात्रा के लिए दो शुभ तिथियों- तीन और पांच अगस्त का सुझाव दिया है।'
पिछले साल राम मंदिर को लेकर आया था फैसला
एक लंबी कानूनी लड़ाई के बाद, उच्चतम न्यायालय के पिछले साल 9 नवम्बर को राम मंदिर के पक्ष में फैसला सुनाया था। इसके बाद उत्तर प्रदेश के अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण का मार्ग प्रशस्त हुआ था। ट्रस्ट के सदस्यों की अयोध्या में शनिवार को हुई एक बैठक में मंदिर की आधारशिला रखने की संभावित तिथि के बारे में फैसला लिया गया। वरिष्ठ अधिवक्ता के परासरन, वासुदेवानंद सरस्वती और स्वामी विश्व प्रसनजीत ने वीडियो लिंक के माध्यम से बैठक में भाग लिया।
ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने इस दौरान कहा कि मानसून के तुरन्त बाद राम मंदिर ट्रस्ट वित्तीय मदद के लिए देशभर में 10 करोड़ परिवारों से संपर्क करेगा और इसके निर्माण को पूरा करने के लिए मंदिर के डिजाइन को अंतिम रूप देने में तीन से साढ़े तीन साल लगेंगे।
161 फुट होगी राम मंदिर की ऊंचाई
श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के एक सदस्य कामेश्वर चौपाल ने बताया कि बैठक में राम मंदिर की ऊंचाई के मुद्दे पर चर्चा भी की गई थी। मंदिर की ऊंचाई 161 फुट होगी और इसमें पांच गुंबद होंगे। ट्रस्ट की बैठक में प्रधानमंत्री मोदी के पूर्व प्रधान सचिव एवं राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रधान सचिव अवनीश अवस्थी ने भी हिस्सा लिया।
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