राम मंदिर की पहली प्राण-प्रतिष्ठा वर्षगांठ, पीएम बोले- सदियों के बलिदान से बना

Published : Jan 11, 2025, 12:12 PM ISTUpdated : Jan 11, 2025, 12:22 PM IST
Ram Mandir

सार

प्रधानमंत्री मोदी ने राम मंदिर प्राण-प्रतिष्ठा की पहली वर्षगांठ पर देशवासियों को बधाई दी। उन्होंने इसे हमारी संस्कृति और अध्यात्म की महान धरोहर बताया। 13 जनवरी को भव्य समारोह आयोजित होगा।

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अयोध्या के राम मंदिर के प्राण-प्रतिष्ठा की पहली वर्षगांठ पर देशवासियों को बधाई दी। X पर उन्होंने पोस्ट किया, "अयोध्या में रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा की प्रथम वर्षगांठ पर समस्त देशवासियों को बहुत-बहुत शुभकामनाएं। सदियों के त्याग, तपस्या और संघर्ष से बना यह मंदिर हमारी संस्कृति और अध्यात्म की महान धरोहर है। मुझे विश्वास है कि यह दिव्य-भव्य राम मंदिर विकसित भारत के संकल्प की सिद्धि में एक बड़ी प्रेरणा बनेगा।"

 

 

राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट और जिला प्रशासन पहली वर्षगांठ समारोह के लिए व्यापक व्यवस्था कर रहे हैं। यह समारोह 13 जनवरी को होगा। इसी दिन राम मंदिर के अंदर राम लला के स्थायी रूप से विराजमान हुए थे। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समारोह का उद्घाटन करेंगे। वह मंदिर में अभिषेक करेंगे।

समारोह को देखते हुए रामलला के लिए 'पीतांबरी' पोशाक तैयार कराई गई है। इसमें सोने और चांदी के धागों से काम किया गया है। इसे दिल्ली से आए डिजाइनरों की एक टीम ने तैयार किया है। विशेष पोशाक शुक्रवार को मंदिर में पहुंच जाएगी। मुख्य समारोह शनिवार को शुरू होगा। रामलला का ‘पंचामृत’ और सरयू के पवित्र जल से अभिषेक किया जाएगा। पिछले साल ‘प्राण प्रतिष्ठा’ समारोह के दौरान इसी तरह का अभिषेक किया गया था।

क्यों 11 जनवरी को मनाई जाएगी राम मंदिर की पहली वर्षगांठ?

राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा समारोह 22 जनवरी 2024 को हुआ था। इसकी पहली वर्षगांठ 11 जनवरी 2025 को मनाई जा रही है। इसके कारण को लेकर राम मंदिर ट्रस्ट ने कहा है कि हिंदू त्योहार और अनुष्ठान पारंपरिक रूप से हिंदू कैलेंडर के आधार पर मनाए जाते हैं। प्राण प्रतिष्ठा समारोह पौष शुक्ल पक्ष द्वादशी को किया गया था। इसे कूर्म द्वादशी के नाम से भी जाना जाता है। 2025 में यह तिथि 11 जनवरी को पड़ रही है। इसलिए इस दिन वर्षगांठ मनाने का निर्णय लिया गया।

वर्षगांठ समारोह में कहां होंगे कौन से धार्मिक अनुष्ठान?

1. यज्ञ मंडप (मंदिर परिसर): शुक्ल यजुर्वेद के मंत्रों के साथ अग्निहोत्र (सुबह 8-11 बजे और दोपहर 2-5 बजे)।

श्री राम मंत्र के 6 लाख पाठ।

राम रक्षा स्तोत्र और हनुमान चालीसा का पाठ।

2. मंदिर का भूतल:

राग सेवा (दोपहर 3-5 बजे)।

बधाई गान (शाम 6-9 बजे)।

3. यात्री सुविधा केंद्र की पहली मंजिल पर रामचरितमानस का संगीतमय पाठ।

4. अंगद टीला:

राम कथा (दोपहर 2-3:30 बजे)। रामचरितमानस पर प्रवचन (दोपहर 3:30-5 बजे)।

सांस्कृतिक कार्यक्रम (शाम 5:30-7:30 बजे)। श्री राम का प्रसाद वितरण (सुबह से)।

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