
चंडीगढ़। पंजाब (Punjab) में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सुरक्षा में हुई चूक (Pm Security Breach) को लेकर पंजाब सरकार ने अब तक कोई जिम्मेदारी नहीं ली है। हालांकि, मामला तूल पकड़ता देख गुरुवार को सरकार ने एक हाई लेवल कमेटी बना दी है। कमेटी को तीन दिन में अपनी रिपोर्ट देनी है। पंजाब के सीएम चरणजीत सिंह चन्नी का दावा है कि उन्हें रूट डायवर्जन की सूचना नहीं दी गई। वहीं, गृह मंत्रालय ने जो बयान जारी किया था, उसके मुताबिक पंजाब के डीजीपी (DGP) की ओर से हरी झंडी मिलने के बाद ही पीएम मोदी का काफिला आगे बढ़ा था। मामला प्रधानमंत्री की सुरक्षा से जुड़ा है, इसके बावजूद सियासत हावी है। इस बीच कई ऐसे सवाल हैं, जिनके जवाब शायद जांच कमेटी की रिपोर्ट में सामने आ जाएं...
सवाल 1 प्रधानमंत्री की यात्रा का रूट तय होता है। गृह मंत्रालय के मुताबिक हेलिकॉप्टर से दौरा रद्द होते ही सबसे पहले डीजीपी को इसकी जानकारी दी गई। उन्होंने क्लीयरेंस दिया, फिर भी प्रदर्शनकारी काफिले के सामने कैसे आए?
सवाल 2 जहां यह घटना हुई, वहां प्रदर्शन पहले से चल रहा था, तो फिर पुलिस ने इस प्रदर्शन को संभालने की व्यवस्था क्यों नहीं की? प्रधानमंत्री के लिए क्यों दूसरा कोई रूट नहीं चुना गया, जहां प्रदर्शनकारी नहीं होते?
सवाल 3 पीएम मोदी का काफिल राष्ट्रीय शहीद स्मारक से 30 किमी पहले फ्लाईओवर पर फंसा था। बठिंडा से शहीद स्मारक का रास्ता दो घंटे का है। इतने समय में स्थानीय पुलिस प्रदर्शनकारियों के सामने नाकाम थी तो अतिरिक्त फोर्स क्यों नहीं बुलाई?
सवाल 4 प्रधानमंत्री के काफिले में प्रोटोकॉल के तहत डीजीपी और मुख्य सचिव को होना चाहिए था। दोनों अफसरों की गाड़ियां आरक्षित थीं, लेकिन अधिकारी नहीं पहुंचे। क्या उन्हें पहले से इस स्थिति का अंदाजा था, इसीलिए दोनों वहां नहीं पहुंचे?
सवाल 5 प्रधानमंत्री किसी राज्य के दौरे पर जाते हैं तो उस राज्य की पुलिस वैकल्पिक मार्ग आदि की व्यवस्था करती है। पंजाब पुलिस को जब प्रदर्शनकारियों के बारे में जानकारी थी तो उन्होंने वैकल्पिक रूट क्यों नहीं तैयार किया?
सवाल 6 प्रदर्शनकारियों ने पीएम को फ्लाईओवर पर रोका। यानी वहां से वापस लौटने की भी जगह नहीं थी। तो क्या यह सब पीएम का रूट बदलते ही तय हो गया था? आखिर पंजाब पुलिस के अलावा पीएम का कार्यक्रम बदलने की सूचना किसे थी?
सुप्रीम कोर्ट में याचिका
PM की सुरक्षा में चूक के मामले में सुप्रीम कोर्ट में भी याचिका दायर की गई है। वरिषद वकील मनिंदर सिंह ने सुप्रीम कोर्ट से इस मामले की जांच करवाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि बठिंडा के जिला एवं सेशन जज को निर्देश दिए जाएं कि वे इस मामले में पुलिस की ओर से बरती गई कोताही से जुड़े सभी सबूत इकट्ठा करें।
किसान नेता राकेश टिकैत बोले - जांच जरूरी
पीएम की सुरक्षा में चूक के बीच किसानों के प्रदर्शन की बात सामने आई है। इस मामले पर भाररतीय किसान यूनियन (BKU) नेता टिकैत ने कहा- भाजपा द्वारा पीएम मोदी (PM Modi) की की सुरक्षा में चूक करने के कारण रैली रद्द करने की बात कही जा रही है। पंजाब के सीएम खाली कुर्सियों की बात कहकर PM के वापस लौटने का दावा कर रहे हैं। अब इस बात की जांच जरूरी है कि वापसी सुरक्षा में चूक है या फिर किसानों का आक्रोश।
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