
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को कहा कि प्रधानमंत्री मुद्रा योजना ने अनगिनत भारतीयों को अपने उद्यमशीलता कौशल का प्रदर्शन करने का अवसर दिया है। पीएम मोदी ने एक ट्वीट में कहा, "अनफंडेड फंडिंग के सिद्धांत से निर्देशित, मुद्रा योजना ने अनगिनत भारतीयों को अपने उद्यमशीलता कौशल का प्रदर्शन करने और नौकरी देने वाला बनने का अवसर दिया है।"
नरेंद्र मोदी ने कहा कि जब हम पीएमएमवाई के 7 साल पूरे कर रहे हैं। यह योजना गेम-चेंजर है। इसने आम लोगों के जीवन में समृद्धि लाई है। प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत सरकार 150 से अधिक सदस्य ऋण संस्थानों (एमएलआई) द्वारा स्वीकृत की जाने वाली राशि के लिए वार्षिक लक्ष्य आवंटित करती है। एमएलआई क्षेत्र की क्षमता, उनकी उपस्थिति और अन्य संबंधित मापदंडों के अनुसार राज्य-वार लक्ष्य निर्धारित करती है। योजना के तहत MLI द्वारा सूक्ष्म/लघु व्यवसाय इकाइयों को विनिर्माण, व्यापार, सेवा क्षेत्रों में आय-सृजन गतिविधियों और कृषि से संबंधित गतिविधियों के लिए भी 10 लाख रुपए तक का संस्थागत ऋण प्रदान किया जाता है।
2015 में शुरू हुई थी योजना
बता दें कि प्रधानमंत्री मुद्रा योजना द्वारा नया व्यवसाय शुरू करने या व्यवसाय बढ़ाने के लिए लोन दिया जाता है। केंद्र सरकार ने इस योजना को ऐसे छोटे कारोबारियों के लिए शुरू किया था, जिन्हें अन्य स्रोतों से लोन नहीं मिल पाता। इस योजना द्वारा 10 लाख रुपए तक का लोन दिया जाता है। इसकी शुरुआत 8 अप्रैल 2015 को हुई थी।
मुद्रा योजना के तीन प्रकार (शिशु लोन, किशोर लोन और तरुण लोन) हैं। शिशु लोन के तहत 50 हजार रुपए तक का कर्ज लिया जा सकता है। किशोर लोन के तहत 50 हजार से 5 लाख रुपए तक का लोन मिलता है। वहीं, तरुण लोन के तहत 5 लाख से 10 लाख रुपए तक का लोन मिलता है।
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