
नई दिल्ली. PNB घोटाले का मुख्य आरोपी नीरव मोदी जल्द भारत आ सकता है। लंदन की एक कोर्ट ने नीरव मोदी के प्रत्यर्पण को मंजूरी दे दी है। इसे भारतीय जांच एजेंसियों के लिए बड़ी कामयाबी माना जा रहा है। अगर सब कुछ ठीक रहेगा तो नीरव मोदी के प्रत्यपर्ण की कार्रवाई 28 दिन में पूरी हो सकती है। लेकिन नीरव मोदी के पास इससे बचने के लिए अभी भी तीन विकल्प हैं।
कोर्ट के फैसले के बाद अब आगे क्या होगा ?
लंदन की कोर्ट ने नीरव मोदी के प्रत्यर्पण की मंजूरी दे दी है। ऐसे में अब इस अदालत के फैसले की कॉपी यूके के होम ऑफिस जाएगी। होम ऑफिस में सचिव हस्ताक्षर करेंगे। हालांकि, इसके लिए समय सीमा 28 दिनों की है। इस तरह से नीरव के भारत आने का रास्ता साफ हो जाएगा।
लेकिन यह सब जितना कहने में आसान है, उतना है नहीं। दरअसल, नीरव के पास लंदन के कोर्ट के इस फैसले के बाद तीन विकल्प बचते हैं।
कौन से हैं तीन विकल्प?
पहला : हाईकोर्ट जा सकता है नीरव
नीरव मोदी निचली अदालत के फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट का रुख कर सकता है। यहां कोर्ट के फैसले के खिलाफ सुनवाई होगी।
दूसरा: सुप्रीम कोर्ट का रुख
अगर हाईकोर्ट में भी नीरव मोदी की याचिका खारिज हो जाती है, या उसके खिलाफ फैसला आता है, तो वह सुप्रीम कोर्ट जा सकता है।
तीसरा विकल्प : मानवाधिकारों का
नीरव के पास मानवाधिकारों का भी विकल्प है। अगर वह अपनी मेंटल हेल्थ और मानवाधिकारों का बहाना बनाता है, तो वह मानवाधिकार अदालतों में भी जा सकता है। ऐसे में इन सब प्रक्रियाओं में 1-2 साल का वक्त लग सकता है।
कोर्ट ने नीरव को लगाई फटकार
यूके जज ने नीरव मोदी के इस दावे को खारिज कर दिया कि कानून और न्याय मंत्री रवि शंकर प्रसाद ने उसके मामले को प्रभावित करने की कोशिश की थी। यूके जज ने कहा कि नीरव मोदी के लिए मुंबई की आर्थर रोड जेल का बैरक हर तरह ठीक है, जहां उसे रखा जाएगा।यूके जज ने कहा कि नीरव मोदी को न्याय मिलेगा।
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