
नई दिल्ली। चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने एक बार फिर कांग्रेस को लेकर बड़ा बयान दिया है। प्रशांत किशोर ने कांग्रेस के हालिया संपन्न चिंतन शिवर को पूरी तरह से विफल बताते हुए कहा कि यह पार्टी में यथास्थिति को और बढ़ा दिया है साथ ही कांग्रेस नेतृत्व को कुछ समय मिल गया है। हालांकि, प्रशांत किशोर ने हिमाचल प्रदेश व गुजरात में होने वाले विधानसभा चुनावों के बारे में भी बेहद गंभीर टिप्पणी की है।
क्या कहा है प्रशांत किशोर ने?
प्रशांत किशोर उर्फ पीके ने साफ साफ कहा कि कांग्रेस की चिंतन शिविर से पार्टी का भला नहीं होता दिख रहा है। यह एक विफल कार्यक्रम था। इसका एक ही परिणाम है कि कांग्रेस की यथास्थिति कुछ और बढ़ गई है। गुजरात व हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनावों में कांग्रेस की हार तक कांग्रेस नेतृत्व को कुछ और समय मिल गया है। उन्होंने लिखा है कि चिंतन शिविर कुछ भी सार्थक हासिल करने में विफल रहा है
लगातार हार व आंतरिक कलह से परेशान कांग्रेस ने किया चिंतन
दरअसल, लोकसभा 2014 के चुनावों में कांग्रेस की करारी हार और इसके बाद से लोकसभा व विधानसभा चुनावों में लगातार हार से पार्टी में आतंरिक कलह भी सड़क पर पहुंच चुका है। कुछ महीनों पहले ही असंतुष्ट नेताओं का एक गुट बना था जिन्होंने कांग्रेस नेतृत्व यानी गांधी परिवार पर तमाम आरोप लगाए थे। इन जी-23 नेताओं ने कांग्रेस में लोकतंत्र की बहाली और नेतृत्व परिवर्तन के लिए आवाज उठानी शुरू कर दी। हालांकि, आंतरिक कलह से जूझ रही कांग्रेस के एक से एक दिग्गज नेता पार्टी भी छोड़ रहे हैं। इसका नतीजा यह भी कि कांग्रेस विभिन्न राज्यों से अपनी सरकार गंवा रही है बल्कि सांगठनिक रूप से भी कमजोर होती जा रही है।
प्रशांत किशोर के भी कांग्रेस में शामिल होने की बात चली
चिंतन शिविर के पहले कांग्रेस शीर्ष नेतृत्व ने प्रशांत किशोर से कई राउंड वार्ता की। अटकलें लगाई जा रही थीं कि प्रशांत किशोर पार्टी ज्वाइन करेंगे और पार्टी में जान फूंकेंगे। लेकिन एक साल में दूसरी बार हुई पीके साथ बातचीत असफल साबित हुई। उन वार्ताओं के दौरान, कांग्रेस नेताओं के एक पैनल ने महत्वपूर्ण राज्यों में चुनाव और 2024 के राष्ट्रीय चुनावों से पहले कांग्रेस के लिए बचाव योजना पर प्रशांत किशोर की प्रस्तुति पर चर्चा की थी।
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