
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पंजाब में हुई सुरक्षा में चूक पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने चिंता जताई है। देश के सर्वोच्च पद पर आसीन व्यक्ति की सुरक्षा में इस तरह की लापरवाही से चिंतित राष्ट्रपति ने पीएम मोदी से जानकारी ली है। गुरुवार को पीएम मोदी राष्ट्रपति भवन पहुंचे। उन्होंने राष्ट्रपति कोविंद से मुलाकात कर पूरी स्थितियों व घटनाक्रम की जानकारी दी है।
राष्ट्रपति से मुलाकात के बाद पीएम मोदी ने ट्वीट किया...राष्ट्रपति जी ने बुलाया था। उनकी चिंता के लिए उनका आभारी हूं। उनकी शुभकामनाओं के लिए आभारी हूं, जो हमेशा ताकत का स्रोत हैं।
हाईलेवल जांच कमेटी गठित
पीएम की सुरक्षा में चूक की जांच को लेकर पंजाब सरकार ने एक उच्च-स्तरीय जांच कमेटी का गठन किया है। कमेटी में रिटायर्ड जस्टिस मेहताब सिंह गिल, और गृह मामलों के प्रिंसिपल सेक्रेटरी और जस्टिस अनुराग वर्मा को शामिल किया गया है। यह कमेटी 3 दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट पेश करेगी।
सुप्रीम कोर्ट में भी उठा मामला
इस मामले को वरिष्ठ अधिवक्ता मनिंदर सिंह (Manindr Singh) ने सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) में CJI एनवी रमना (NV Ramana) के सामने उठाया और जांच की मांग की। कोर्ट ने मनिंदर सिंह से केंद्र और पंजाब सरकार को याचिका की एक प्रति देने को कहा है।
गृह मंत्रालय ने भी मांगी है रिपोर्ट
केंद्रीय गृह मंत्रालय ने पंजाब सरकार से प्रधानमंत्री मोदी की सुरक्षा चूक को लेकर विस्तृत रिपोर्ट मांगी थी। गृहमंत्री अमित शाह (Amit Shah) ने कहा था कि प्रधानमंत्री के दौरे में सुरक्षा प्रक्रिया में इस तरह की लापरवाही पूरी तरह से अस्वीकार्य है और इसके लिए जवाबदेही तय की जाएगी।
क्या है मामला?
बुधवार को पंजाब में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का फिरोजपुर में दौरा था। इस दौरान उनका काफिला तकरीबन 20 मिनट बेहद एक एरिया में रुका रहा। जहां यह काफिला रूका था वहां से पाकिस्तान की दूरी भी कम है। पिछले साल सितंबर में इसी क्षेत्र में आतंकी वारदात को अंजाम दिया गया था। लिहाजा केंद्रीय गृह मंत्रालय के अलावा पीएम सिक्योरिटी के तमाम अधिकारियों के चेहरे पर शिकन आ गई थी।
मुख्यमंत्री का सुरक्षा में चूक से इनकार
मुख्यमंत्री चरणजीत चन्नी (Charanjit Singh Channi) ने किसी भी तरह की सुरक्षा चूक से इनकार किया। उन्होंने कहा कि पीएम को हवाई मार्ग से जाना था। फिर अचानक प्रोग्राम बदलकर सड़क मार्ग से कर दिया गया। चन्नी ने कहा कि प्रधानमंत्री पर कोई हमला नहीं हुआ। उनके कार्यक्रम में 70 हजार कुर्सियां लगाईं, लेकिन सिर्फ 700 लोग आए, जिसकी वजह से रैली रद्द की गई। इसमें किसी भी तरह की सुरक्षा में चूक नहीं हुई है।
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