
नई दिल्ली। कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी पर ईडी (Enforcement Directorate) का शिकंजा करने का खतरा मंडरा रहा है। मनी लॉन्ड्रिंग के एक मामले में ईडी ने गुरुवार को सप्लीमेंट्री चार्जशीट पेश किया है। इसमें प्रियंका गांधी का नाम लिया गया है।
ईडी ने चार्जशीट में कहा है कि हरियाणा के फरीदाबाद में खेती की एक जमीन खरीदने में प्रियंका गांधी का रोल था। जमीन 2006 में दिल्ली के रियल स्टेट एजेंट एचएल पहवा से खरीदी गई थी। यह जमीन फरवरी 2010 में वापस पहवा को बेच दी गई। इस मामले में प्रियंका गांधी का नाम आरोपी के रूप में नहीं लिया गया है।
जमीन खरीदने में शामिल थीं प्रियंका गांधी
ईडी से मिली जानकारी के अनुसार पहवा से जमीन खरीदने में प्रियंका गांधी शामिल थीं। इसी एजेंट से प्रियंका गांधी के पति रॉबर्ट वाड्रा ने 2005-2006 में जमीन के तीन टुकड़े खरीदे थे। कुल जमीन 40.08 एकड़ थी। दिसंबर 2010 में इन तीनों जमीनों को वापस पहवा को बेच दिया गया था। गुरुवार को पेश किए गए चार्जशीट में ईडी ने वाड्रा का नाम भी लिया है।
अपराध की आय वाली संपत्ति में रुके रॉबर्ट वाड्रा
एक मनी लॉन्ड्रिंग मामला डिफेंस डीलर संजय भंडारी से जुड़ा है। वह भारत से भागकर लंदन में रह रहा है। ईडी भंडारी के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग मामले में आरोप लगाया कि रॉबर्ट वाड्रा ने लंदन की एक संपत्ति का पुनर्निर्माण किया और उसमें रुके। यह संपत्ति अपराध की आय थी। भंडारी 2016 में यूके भाग गया था। ब्रिटिश सरकार ने ईडी और सीबीआई के कानूनी अनुरोध पर कार्रवाई करते हुए जनवरी 2023 में भारत में संजय भंडारी की प्रत्यर्पण को मंजूरी दी थी।
ईडी ने एक बयान जारी कर कहा कि उसने इस मामले में UAE स्थित एनआरआई व्यवसायी चेरुवथुर चकुट्टी थम्पी और यूके के नागरिक सुमित चड्ढा के खिलाफ एक नया आरोप पत्र दायर किया है। इस मामले में थंपी को जनवरी 2020 में गिरफ्तार किया गया था। ईडी ने आरोप लगाया था कि वह वाड्रा का "करीबी सहयोगी" था।
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